📅 Published on: August 26, 2024
– पीड़ित पक्ष के प्रार्थना पत्र और कोर्ट के आदेश को थानाध्यक्ष ने बताया फर्जी – पीड़ित
– पीड़ित पक्ष थक हार कर डीएम से लगाई न्याय की गुहार
– घटना थाना बांसी के बहबोल में जमीन कब्जे का है
– स्थानीय पुलिस बांसी और एसडीएम बांसी पर लापरवाही की उठ रही उंगली
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जाकिर खान /निजाम अंसारी
सिद्धार्थनगर । माननीय न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन बांसी के स्थगन आदेश के बावजूद दबंग भू माफियाओं द्वारा कीमती जमीन पर कब्जा करने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है ।
गरीब परिवार सदमे में है । मामला जिले के थाना बांसी क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला आजाद नगर के बहबोल में गरीब असहाय की पैतृक बेशकीमती जमीन के कब्जे का है ।
कब्जे को लेकर सोमवार को बहलोल गांव निवासी हजरत अली ने जिला अधिकारी को दिए गए लिखित शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि बांसी कोतवाली क्षेत्र के शास्त्री नगर निवासी विनोद, संतोष, अनूप सहित अन्य लोग सड़क के किनारे उनकी बेशकीमती जमीन पर जबरन कब्जा करके अवैध निर्माण कर रहे हैं।
जिसकी शिकायत उन्होंने स्थानीय बाँसी कोतवाली व उप जिलाधिकारी बांसी से की है । लेकिन संबंधित थाने और तहसील से इन दबंगों को उनकी जमीन पर कब्जा करने से रोकने के लिए कोई कदम नही उठाया जा रहा है।
पीड़ित हजरत अली का कहना है कि जिस जमीन पर यह दबंग लोग कब्जा कर रहे हैं वह जमीन उनके और उनके भाई और चाचा के नाम से खसरा और खतौनी में भी दर्ज है। बावजूद इसके भू माफिया अपना बार्च्स दिखाकर कब्जा कर रहे है।
उक्त जमीन पर विवाद को लेकर सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय बांसी से उन्हें 23 अगस्त को स्थगन आदेश भी मिला है। लेकिन न्यायालय के इस स्थगन आदेश को दरकिनार कर दबंग विपक्षीगढ़ लगातार निर्माण कार्य कर रहे हैं और उनकी सुनाई कहीं भी नहीं हो रही है।
पीड़ित पक्ष ने बताया कि आज वह इस मामले को लेकर जिला अधिकारी सिद्धार्थनगर राजा गणपत आर से मिलने आए थे लेकिन जिलाधिकारी के जिले में कहीं और व्यस्त होने की वजह से मुलाकात नहीं हो सकी है । कल वह अपनी बात को लेकर फिर जिलाधिकारी से मुलाकात करेंगे ।
पीड़ितों ने कहा कि उनकी सुनवाई बाँसी कोतवाली और तहसील पर नही हो रही है और वह इंसाफ के लिए लगातार संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
पीड़ित पक्ष में बांसी कोतवाली और बांसी तहसील के संबंधित अधिकारियों पर विपक्षी दबंग लोगों से मिलने का आरोप लगाते हुए उनसे मिलकर उनकी जमीन पर कब्जा कराने का आरोप भी लगाया है ।
इस संबंध में भास्कर टीम ने थानाध्यक्ष से वार्ता की तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह मामला राजस्व का है मेरा नहीं ।