बढनी – राप्ती नहर पर बने पुलों का एप्रोच न बनने से आवागमन बाधित, ग्राम प्रधानों ने लगाए आरोप

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सिद्धार्थ नगर जनपद के बढनी से बाणगंगा नहर तक राप्ती नहर के निर्माण कार्य अपूर्ण हैं कसबे में राप्ती नहर पर बने कई पुलों किलोमीटर संख्या 114 ग्राम महादेव बुजुर्ग  , किलोमीटर संख्या 112 ग्राम टीसम , किलोमीटर संख्या 113 ग्राम भावपूर उर्फ़ गुलरी और किलोमीटर संख्या 110 धनौरा बुजुर्ग का एप्रोच मार्ग न बनने से स्थानीय निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों ने इस समस्या को लेकर प्रशासन और निर्माण निगम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, पुल तो बना दिए गए हैं, लेकिन एप्रोच मार्ग का निर्माण नहीं होने के कारण ये पुल बेकार साबित हो रहे हैं।

ग्राम प्रधान महेश यादव , किस्मत अली , अलिमुल्लाह , इरशाद खान , प्रधान तवरेज आलम , इमरान व करम हुसैन सहित राप्ती नहर से सटे एनी गाँव के प्रधानो का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही और आधे-अधूरे विकास कार्यों के कारण गांव के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना एप्रोच मार्ग के पुलों का निर्माण करवा कर सरकार ने केवल कागजी काम पूरा किया है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

एप्रोच मार्ग न होने के कारण पुलों का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोग या तो कच्चे रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं या फिर लंबा चक्कर लगाकर आवागमन कर रहे हैं, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं।

हलके से बरसात या पानी गिरने से संपर्क स्थल से ब्रिज पर पहूंचना बहुत टेढ़ी खीर हो जाती है पैदल चलना मुश्किल हो जाता है मोटर साईकिल सवार या एनी चार पहिया वाहनों के लिए जान से खेलना साबित होता है जरा सा इधर उधर हुवा तो सीधे अस्पताल जाने की नौबत आ जाती है |

ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों ने एक बार फिर से सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि पुलों का सही उपयोग हो सके और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो।