📅 Published on: October 10, 2024
kapilvastupost
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिला कारागार में गांजा बरामद होने के मामले में जांच के बाद एक डिप्टी जेलर समेत चार सस्पेंड कर दिए गए। यह कार्रवाई डीआईजी जेल ने की।
जिला जज और डीएम के निरीक्षण में डिप्टी जेलर पर गांजा बिकवाने का सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम सिकहरा में एक अजीब घटना ने पूरे जनपद में सनसनी फैला दी है।
बुधवार की रात एक व्यक्ति को मृत समझकर अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी, तभी वह अचानक जीवित हो गया। लेकिन चंद घंटों बाद ही उसकी फिर से मौत हो गई, जिससे गांव में कोहराम मच गया।
सिद्धार्थनगर जिला कारागार में गांजा बरामद होने के मामले में जांच के बाद एक डिप्टी जेलर समेत चार लोगों को डीआईजी जेल ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तीन दिन पहले की गई है। जेल अधीक्षक ने इसकी पुष्टि की है। जिला जज और डीएम के निरीक्षण में डिप्टी जेलर पर गांजा बिकवाने का आरोप लगा था। जेल से गांजा भी बरामद हुआ था।
25 सितंबर को डीएम सहित कई अधिकारियों ने जिला कारागार का निरीक्षण किया था। उस दौरान पाक्सो एक्ट के एक बंदी ने जेल कर्मियों पर जबरन गांजा बिकवाने का आरोप लगाया था। डीआईजी जेल एसके मैत्रीय की जांच में डिप्टी जेलर समेत चार जेल कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली है।
उन्होंने सभी को निलंबित कर दिया है। निलंबित हुए कर्मियों में डिप्टी जेलर त्रिलोकी नाथ, हेड वार्डेन फूलचंद्र यादव, जेल वार्डन उमेश कुमार और सौरभ हैं। निरीक्षण के दौरान बंदी ने आरोप लगाया कि डिप्टी जेलर गांजा बिकवाते हैं और उससे पुड़िया बेचने के लिए कहते हैं|