📅 Published on: January 16, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर हर तरफ बहुतायत जमीनी विवाद को सुलझाने के लिए सरकार ने कई चरण की व्यवस्था बना रखी है बावजूद इसके छोटे से बड़े जमीन से जुड़े विवाद सुलझने के बजाय उलझते ही जाते हैं जो वर्षों तक चलता रहता है । 
ऐसा ही एक मामला जनपद के बांसी तहसील से प्रकाश में आया है जहां बैनामेदार अपनी रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदे गए जमीन पर कब्जा पाने के लिए प्रशासन का चक्कर लगा रहा है ।
और राजस्व अभिलेखन में दर्ज व उपजिलाधिकारी न्यायालय से पारित आदेश के बावजूद तहसील प्रशासन मामले को जलेबी की तरह उलझा रखा है। पूरा मामला बांसी तहसील के ग्रामपंचायत कुर्थिया का है जहां गाटा संख्या 53 मिन्न में दशमलव शून्य दो सौ पचास हेक्टेयर भूमि के खरीदार अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं । जानकारी के मुताबिक गाटा संख्या 53 मिन्न राजस्व अभिलेख में नवीन परती के रूप में दर्ज है थोड़ा अंश विक्रेता का नम्बर दर्ज है जिसे उसने विक्रय कर दिया और खरीदार कब्जा नही पा रहा है लेकिन ग्राम प्रधान की मिलीभगत से उसी परती के जमीन पर अनधिकृत रूप से तमाम लोग काबिज होकर स्थाई व अस्थाई निर्माण कर अपना आधिपत्य जमाए बैठे हैं ।
बाईट – पीड़ित