सिद्धार्थ नगर, स्पेशल रिपोर्ट – नशे के खिलाफ जंग जरूरी! नशे की लत में बर्बाद होती ज़िंदगियां, युवाओं का छलका दर्द

जिले के बढ़नी कसबे में नशे की बढ़ती लत ने कई युवाओं की ज़िंदगी को अंधकार में धकेल दिया है। मीडिया के सामने जब कुछ नशाग्रस्त युवकों ने अपनी दर्दनाक कहानी सुनाई, तो माहौल भावुक हो उठा। उनका कहना है कि एक बार नशे के जाल में फंसने के बाद बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है।

गुरु जी की कलम से

नेपाल भारत सीमा के सरहद पर स्थित कस्बा बढ़नी पड़ोसी मित्र नेपाल के कपिलवस्तु जिला का कस्बा कृष्ण नगर इस समय मादक पदार्थों के व्यापारियों एवं नशेड़ियों का आराम गाह बना हुआ है आए दिन यहां पर चरस और स्मैक की बरामदगी होती है मादक पदार्थ तस्कर मादक पदार्थों के साथ पकड़े जाते हैं|

नगर पंचायत क्षेत्र बढ़नी में चार मादक पदार्थों के विक्रेताओं की अघोषित दुकानें हैं जहां पर विभिन्न प्रकार के नशीली पदार्थ बिकते हैं उनकी मात्रा और उनके क्वालिटी के आधार पर उनका दाम निर्धारित रहता है|

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मादक पदार्थ व्यापारी जो एक नशे की पुड़िया देता है उस एक पुडिया कि कीमत पचास रुपए से लेकर दो सो रुपए तक होती है इस के शिकार युवक छात्र भी धीरे-धीरे हो रहे हैं|

अगर यही हालत रही तो पुरा कस्बा नशें कि पकड़ में आ जाये गा शासन और प्रशासन के लोगों को चाहिए इस नशें के पनपते व्यापार पर अंकुश लगाने की पहल करें।

समाज को मिलकर लड़नी होगी यह लड़ाई

नशे के खिलाफ नगर पंचायत बढ़नी के लोगों ने भी आवाज उठाना शुरू कर दिया है इस संबंध में ध्रुव आर्य मेडिकल स्टोर के मालिक ने बताया की नशा समाज के लिए घातक है|

नशा करने वाला दिमागी सुनपन और उच्च रक्तचाप की चपेट में आ जाता है। इसका असर स्नायु तंत्र पर तेजी से होता है,लेकिन अधिक सेवन से फेफड़े, किडनी, लीवर के फेल होने का खतरा बढ़ जाता है। स्मैक का नशा जिसे हमारे समाज में एक बुराई माना जाता है।

सभासद निजाम अहमद ने नशे के खिलाफ रूट लेवल पर कार्य योजना बनाने की बात कही 

क्षेत्र में युवाओं में बढ़ती नशे की लत को लेकर बढ़नी के सभासद निजाम अहमद ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर चली जाएगी।

नशा सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे समाज को बर्बाद कर देता है। उन्होंने प्रशासन और समाजसेवियों से अपील की कि नशे के खिलाफ जमीनी स्तर पर रणनीति तैयार कर प्रभावी अभियान चलाना होगा।

शाम ढलते ही नशेड़ियों की पलटन इन अघोषित मादक पदार्थ विक्रेताओं के घर के चारों तरफ चक्क लगना शुरू कर देते हैं|

मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत बढ़नी के स्टेशन के सामने एक घर में नशीली पदार्थो कि बिक्री होती है। नगर पंचायत के प्राइवेट बस स्टैंड के पास के बस्ती में भी एक नशीले पदार्थ का साहूकार रहता है|

चर्चा है कि मधवानगर के पास भी एक अघोषित मादक पदार्थ की दुकान खुली हुई हैं जहां शाम को अक्सर भीड़ देखी जाती है वेसे नगर पंचायत का गोला बाजार इस मामले में भी पीछे नहीं है|

स्टेशन रोड़ के सामने से लेकर चट्टीबाजार बाजार तक बहुत सी दवाओं कि दुकानें हैं जिसमें से कुछ दुकाने तो नशीली टेबलेट कि बिक्री के लिए कुख्यात हो चूकी है इस मामले में कृष्णा नगर का झण्डे नगर पीछे नहीं है अगर यही हालत रही तो पुरा कस्बा नशें कि पकड़ में आ जाये गा शासन और प्रशासन के लोगों को चाहिए इस नशें के पनपते व्यापार पर अंकुश लगाने की पहल करे|