सिद्धार्थ नगर – बलरामपुर नाम वाले अल्ट्रासाउंड सेंटरों के नाम पर बड़ा खेल, रजिस्ट्रेशन कहीं और, संचालन कहीं और!

स्वास्थ्य विभाग की दरिया दिली देखिये जिसके नाम से केंद्र का रेजिसट्रेसन होता है वह आदमी सौ दो सौ किलोमीटर दूर रहता है |मरीज चाहे जितनी कोशिस कर ले वह कभी जान ही नहीं पाता है कि डॉक्टर कौन है कहीं पंद्रह साल का कहीं बीस साल का नौजवान दीखता है अपनी उमर से ज्यादा उसके पास डिग्री होती है |

गुरु जी की कलम से 

सिद्धार्थ नगर –  जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों के गोरखधंधे का प्रचलन बढ़ता जा रहा  है।  कई अल्ट्रासाउंड सेंटर फर्जी तरीके से संचालित हो रहे हैं, जहां रजिस्ट्रेशन किसी अन्य स्थान पर है, लेकिन संचालन पूरी तरह अलग जगह किया जा रहा है। यही नहीं एक रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड सेंटर के नाम पर जिले के प्रमुख कस्बों चौराहों नगर पंचायतों में अवैध तरीके से दर्जन भर सेंटर चलाया जाता है |

स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से फल-फूल रहा अवैध कारोबार

सूत्रों के मुताबिक, सिद्धार्थ नगर में बलरामपुर नाम वाले कई अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना किसी मान्यता के संचालित हो रहे हैं। जिनका रजिस्ट्रेशन किसी अन्य जिले या स्थान पर होता है, लेकिन असल में ये केंद्र दूसरी जगह चलाए जा रहे हैं।

कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं!

सरकारी नियमों के अनुसार, प्रत्येक अल्ट्रासाउंड सेंटर को स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लेनी होती है। लेकिन सिधार्थ नगर में यह नियम ताक पर रख दिया गया है। कई जगहों पर गैर-कानूनी तरीके से लिंग परीक्षण की भी आशंका जताई जा रही है।

पैलगी और सहयोग आधारित कुटीर उद्द्योग की तरह हो रहा सन्चालन 

बलरामपुर , बस्ती , महाराजगंज आदि दूसरे जिलों से लाइसेंस लेकर सिद्धार्थ नगर में बलरामपुर के नाम से अल्ट्रासाउंड सेंटर और पथोलोजी सेंटर का हो रहा संचालन।

फर्जी दस्तावेजों के सहारे रजिस्ट्रेशन करवाना। प्रशासन की मिलीभगत से चल रहे अवैध स्कैनिंग सेंटर। बिना योग्य डॉक्टरों के मशीनों का संचालन।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कब जागेगा?

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध नेटवर्क की जल्द से जल्द जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।