सिद्धार्थ नगर – कई वर्षों से PWD द्वारा NOC नहीं दिए जाने से गुस्साए युवक ने अपने उपर पेट्रोल डालने की करी कोशिश अधिकारीयों के हाथ पांव फूले – देखें पूरी कहानी

सिद्धार्थनगर: अधिकारियों की लापरवाही से नाराज युवक ने PWD कार्यालय पर किया आत्मदाह का प्रयास

सिद्धार्थनगर, सरकारी कार्यालयों में बढ़ती लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के अधिकारियों की उदासीनता से परेशान एक युवक ने शुक्रवार को कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की। क्रमचारियों ने युवक के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीनकर फ़ेंक दी |

युवक का आरोप है कि वह पिछले तीन साल से अपने मकान का NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) लेने के लिए विभाग के चक्कर काट रहा था, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण उसे अब तक कोई समाधान नहीं मिला।

युवक ने क्यों उठाया इतना बड़ा कदम ?

पीड़ित युवक का नाम नन्दलाल सोनी जो सिद्धार्थनगर जिले के

इटवा क्षेत्र के कमदलालपुर का निवासी है। उसने बताया कि वह अपने मकान के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी से NOC लेने की प्रक्रिया में पिछले तीन सालों से फंसा हुआ है। तमाम बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

युवक का आरोप है कि अधिकारियों ने जानबूझकर उसकी फाइल अटका रखी है और हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसे टाल दिया जाता है। हताश होकर उसने PWD कार्यालय के बाहर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की।

अधिकारियों की कार्यशैली पर उठे सवाल

इस घटना के बाद प्रशासन और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि आम आदमी की कोई सुनवाई नहीं होती। कई लोगों ने आरोप लगाया कि बिना लेन-देन के विभाग में कोई काम नहीं किया जाता।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने किसी तरह युवक को आत्मदाह करने से रोका और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को काबू में लेकर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

क्या बोले जिम्मेदार ?

इस पूरे मामले पर जब PWD अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकार दिया और कहा कि युवक की फाइल पर कार्रवाई की जा रही थी | अधीक्षण अभियंता ने बताया मै यंहा 2 वर्षो से पोस्टेड हूँ| मुझे 4 दिन पहले इस मामले की जानकारी हुई है. उसी दिन से इस मामले को निस्तारित करने के निर्देश दे दिये है| पीड़ित युवक इस बयान से संतुष्ट नहीं हैं।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, पीड़ित युवक को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए उसके मकान का NOC जारी किया जाए।

यह घटना एक बार फिर सरकारी तंत्र की खामियों को उजागर करती है, जहां आम जनता को अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अगर प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति हो सकती है।