📅 Published on: February 11, 2025
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सिद्धार्थ नगर – मंगलवार को कपिलवस्तु विधान सभा क्षेत्र के हरबंशपुर में पी डी ए चौपाल का आयोजन हुवा जिसमें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी सहित आम जनमानस इकट्ठा हुवा , पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) चौपाल में पूर्व नगर पालिका चेयरमैन जमील सिद्दीकी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी के मोर्चे पर सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से गरीब और वंचित तबके को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है, लेकिन सत्ताधारी दल चुनावी प्रचार में व्यस्त है और जनता की समस्याओं से मुँह मोड़ रहा है।
सरकार की नीतियां जनविरोधी
जमील सिद्दीकी ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा, सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की हालत जर्जर है। गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सपना बन गई है। शिक्षकों की कमी, संसाधनों की बदहाली और लगातार बढ़ती फीस आम आदमी की पहुँच से बाहर हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा देकर शिक्षा को अमीरों के लिए सीमित करना चाहती है।
स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा
स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अस्पतालों में न दवाएं हैं, न डॉक्टर, न ही सही सुविधाएं। आम आदमी को इलाज के लिए निजी अस्पतालों में लूटना पड़ता है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि “क्या यही अच्छे दिन हैं, जहाँ गरीब को इलाज तक नसीब नहीं होता?“
बेरोजगारी पर बड़ा हमला
बेरोजगारी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने के बजाय नौकरियां छीनने में लगी हुई है। युवा डिग्री लेकर भटक रहे हैं, लेकिन सरकारी भर्तियां बंद हैं या सालों तक लटकी रहती हैं। “सरकारी नौकरियों में भर्ती घोटाले, पेपर लीक और आरक्षण में कटौती करके सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।”
चुनावी जुमलों से नहीं चलेगा देश
पूर्व चेयरमैन ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए जनता से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिर्फ मंदिर-मस्जिद और चुनावी जुमलों से देश नहीं चलता, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सबसे जरूरी मुद्दे हैं। अगर जनता जागरूक नहीं हुई तो देश में गरीब और गरीब होता जाएगा, और अमीर और अमीर।
जनता में गुस्सा, चौपाल से बड़ा ऐलान
पीडीए चौपाल में मौजूद सैकड़ों लोगों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का संकल्प लिया और कहा कि अगर सरकार जनता की जरूरतों को अनदेखा करती रही तो आने वाले चुनावों में उसे करारा जवाब मिलेगा।