घर में घुसकर मारपीट, प्रशासन बना रहा मूकदर्शक! पीड़ित ने लगाई न्याय की गुहार , बुधवार को थाने पर समझौता हुआ बिफे कै मारपीट
📅 Published on: April 3, 2025
जब एक बार जमीन बेच दी तो 15 साल जमीन वापस मांगने का क्या मतलब परिवार पर जमीन वापस करने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है ? कौन लड़ा रहा है भाई भाई को कौन बढ़ावा दे रहा है इस खुराफात को ? इस लड़ाई में मलाई खाने वाले को जनता सबक जरूर सिखाएगी ।
Nizam Ansari
सिद्धार्थनगर – थाना शोहरतगढ़ क्षेत्र के ग्राम पिपरा में दबंगई का मामला सामने आया है, जहां एक परिवार को जबरन घर से बेदखल करने की कोशिश की गई। पीड़ित रमजान पुत्र नसीबुल्लाह ने आरोप लगाया है कि इस्लाम, शरीफुन्निशा और खैरुन्निशा नामक व्यक्तियों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की और उनकी पत्नी को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा।
पीड़ित के घर में जबरन कब्जे की कोशिश
रमजान के अनुसार, उन्होंने 2010 में इस्लाम से 40×30 फीट की जमीन 80 हजार रुपये और ढाई तोला सोना देकर खरीदी थी, जिस पर उन्होंने मकान बनाकर अपने परिवार के साथ रहना शुरू कर दिया। लेकिन पिछले दो महीने से इस्लाम जबरदस्ती उनके घर पर कब्जा करना चाहता था।
आज सुबह करीब 7 बजे इस्लाम, शरीफुन्निशा और खैरुन्निशा लाठी-डंडों के साथ जबरदस्ती घर में घुस आए और रमजान की पत्नी को जान से मारने की नीयत से पीटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया, लेकिन दबंगों ने धमकी देते हुए घर में जबरदस्ती डेरा डाल दिया।
पुलिस पर लगे गंभीर आरोप, दबंगों को मिला संरक्षण?
रमजान ने आरोप लगाया कि हमलावर खुलेआम कह रहे थे कि उन्होंने थाने में 50 हजार रुपये दे दिए हैं, इसलिए उनकी कोई सुनवाई नहीं होगी। इस घटना का वीडियो रिकॉर्डिंग भी पीड़ित के पास मौजूद है।
पीड़ित ने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और इस्लाम को हिरासत में ले गई, लेकिन शरीफुन्निशा और खैरुन्निशा अभी भी जबरदस्ती घर में डेरा जमाए हुए हैं। पीड़ित की पत्नी बेहोश हो गई थी, जिसे पुलिस ने एंबुलेंस से सीएचसी शोहरतगढ़ पहुंचाया, जहां इलाज जारी है।
प्रशासन की लापरवाही, पीड़ित को नहीं मिल रहा न्याय
पीड़ित रमजान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। लेकिन सवाल उठता है कि क्या थाने से दबंगों को संरक्षण दिया जा रहा है?


