📅 Published on: April 6, 2025
नेपाल बॉर्डर से एक बार फिर भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सिद्धार्थनगर के खुनुवा बॉर्डर पर पकड़ी गई एक थाईलैंड की महिला ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। लेकिन सवाल सिर्फ एक गिरफ्तारी का नहीं है — सवाल है, उस सिस्टम का, जिसे बार-बार छेदने की कोशिश की जा रही है।
nizam ansari
सिद्धार्थनगर: भारत-नेपाल सीमा एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा के बड़े सवालों के घेरे में है। नेपाल से सटे सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र स्थित खुनुवा बॉर्डर पर शनिवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई के दौरान एसएसबी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने नेपाल से भारत में अवैध रूप से घुसपैठ की कोशिश कर रही एक थाईलैंड की महिला और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया।
संदिग्ध थाई महिला की गिरफ्तारी
शनिवार सुबह करीब 8 बजे नेपाल के पोखरा से दिल्ली जा रही सृष्टि ट्रैवल्स की नेपाली बस (बा.प्र. 03001 खा 3498) जब खुनुवा बॉर्डर पर पहुँची, तो बीओपी खुनुवा पर तैनात एसएसबी जवानों को एक युवती की गतिविधियाँ संदिग्ध लगीं। पूछताछ में युवती की भाषा नेपाली न होने पर शक गहराया और जब गहन जांच की गई, तो यह स्पष्ट हुआ कि वह युवती थाईलैंड की नागरिक है, जो टूरिस्ट वीजा पर नेपाल में प्रवेश की थी और अब आईडी बदलकर भारत में अवैध रूप से घुसने की कोशिश कर रही थी।
पुलिस को किया गया सुपुर्द
एसएसबी ने पूछताछ के बाद युवती को शोहरतगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया, जहां से उसे विस्तृत जांच के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया। इस पूरी कार्रवाई में एसएसबी 43वीं वाहिनी के सहायक सेनानायक अंकुर डांगे, इंस्पेक्टर राजेश कुमार मीणा, महिला आरक्षी अंकिता सोलंकी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
संदिग्ध बस संचालक गिरफ्तार
घटना में संलिप्त नेपाली बस के संचालक को भी संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। ज्ञात हो कि इससे पहले भी नेपाल से दिल्ली तक जाने वाली बसों के जरिए अवैध गतिविधियाँ सामने आती रही हैं। हाल ही में कृष्णनगर, नेपाल से छूटने वाली एक बस से नेपाल प्रहरी ने 15 लाख रुपए की अवैध सिगरेट बरामद की थी।
अन्य बॉर्डरों से भी हो चुकी हैं घुसपैठ की घटनाएं
अलीगढ़वा बॉर्डर:
इस बॉर्डर से भी कई बार बांग्लादेशी और अन्य संदिग्ध नागरिकों की घुसपैठ के मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल ही एक विशेष ऑपरेशन के दौरान यहाँ से पांच विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था जो फर्जी कागज़ातों के सहारे भारत में दाखिल हुए थे।
ककरहवा बॉर्डर:
ककरहवा सीमा से हाल के वर्षों में सबसे अधिक फर्जी दस्तावेजों और टूरिस्ट वीजा का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से भारतीय सीमा में दाखिल होने की कोशिशें पकड़ी गई हैं। यहां से पकड़े गए कई घुसपैठिए चीन , बांग्लादेश , पाकिस्तानी , युगांडा के नागरिक भी पाए गए थे।
बजहां और बढ़नी बॉर्डर:
इन दोनों बॉर्डरों के जरिए खासकर तस्करी की घटनाएं बढ़ी हैं – चाहे वह मानव तस्करी हो या ड्रग्स। बढ़नी बॉर्डर तो नेपाल के मुख्य व्यावसायिक मार्गों में शामिल है, जिससे यहां से होने वाली गतिविधियाँ और भी संवेदनशील बन जाती हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा ऐतिहासिक मित्रता की प्रतीक है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसका दुरुपयोग तेजी से बढ़ा है। बिना फेंसिंग की इस सीमा का फायदा चरमपंथी संगठनों, तस्करों और मानव तस्करी के गिरोहों द्वारा उठाया जा रहा है। पाकिस्तान और चीन जैसे देशों के लिए नेपाल एक ट्रांजिट रूट बनता जा रहा है, जिसके जरिए उनके एजेंट भारत में दाखिल होकर संवेदनशील सूचनाएं एकत्र करने और अस्थिरता फैलाने की साजिशें रच सकते हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञ की नजर से
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भारत-नेपाल सीमा पर तकनीकी निगरानी (CCTV, ड्रोन, बायोमेट्रिक स्कैनिंग) और मानव संसाधनों में बढ़ोतरी नहीं की जाती, तब तक इस तरह की घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। साथ ही, नेपाल से आने-जाने वाली ट्रांजिट बसों और प्राइवेट और कमर्शियल गाड़ियों की भी कड़ी निगरानी आवश्यक है।
बताते चलें कि शनिवार सुबह करीब 8 बजे, नेपाल के पोखरा से दिल्ली जा रही एक नेपाली बस को खुनुवा बॉर्डर पर एसएसबी के जवानों ने रोका। जांच के दौरान एक युवती पर शक हुआ। पूछताछ में जब उसकी भाषा नेपाली नहीं निकली, तो मामला गहराया। थोड़ी ही देर में सामने आया कि युवती थाईलैंड की नागरिक है, और फर्जी आईडी पर भारत में अवैध घुसपैठ की कोशिश कर रही थी| 
सिद्धार्थनगर जिले में भारत-नेपाल सीमा पर हाल के वर्षों में कई विदेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ के मामले सामने आए हैं। हालांकि, उपलब्ध स्रोतों के आधार पर कुल संख्या बताना कठिन है, लेकिन कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:
मार्च 2024: सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र में एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक चीनी पुरुष झोउ पुलिन और एक चीनी महिला युवान युहान को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करते हुए गिरफ्तार किया। इनके पास से चीनी पासपोर्ट, नेपाल के वीजा, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। ऑपइंडिया

नवंबर 2024: सिद्धार्थनगर के ककरहवा बॉर्डर पर नेपाल पुलिस और सशस्त्र बल ने दो चीनी नागरिकों, लिगोआँगूई और एक्सटीएओ, को बिना वैध कागजात के नेपाल में प्रवेश करते हुए पकड़ा। इनके पास से चीनी पासपोर्ट, लैपटॉप, मोबाइल फोन और भारतीय मुद्रा बरामद हुई। ABP News+1ऑपइंडिया+1

नवंबर 2024: सिद्धार्थनगर-नेपाल बॉर्डर पर एक ईरानी नागरिक, कामरान, को गिरफ्तार किया गया, जो दो साल से दिल्ली में छिपा हुआ था और नेपाल के रास्ते ईरान लौटने की कोशिश कर रहा था। उसके पास से चार पासपोर्ट, फर्जी आधार कार्ड, सिम कार्ड और नकदी बरामद हुई। आज तक

जनवरी 2025: एसएसबी और मोहाना पुलिस ने ककरहवा बॉर्डर पर एक चीनी नागरिक, झी यिंग बोधिसत्व, को भारत में अवैध रूप से प्रवेश करते हुए गिरफ्तार किया। उसके पास से पासपोर्ट, पहचान पत्र, क्रेडिट कार्ड, बोर्डिंग पास, नेपाली करेंसी और डॉलर बरामद हुए।