📅 Published on: April 11, 2025
यह मुद्दा अब सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब और बच्चों के भविष्य का सवाल बन चुका है।
Nizam Ansari
सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश:
प्राइवेट स्कूलों की बेलगाम मनमानी और प्रशासन की चुप्पी के खिलाफ आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज़ोरदार विरोध दर्ज कराया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर डुमरियागंज में कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें निजी स्कूलों द्वारा फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी और किताबें-यूनिफॉर्म मनमाने दामों पर थोपे जाने का विरोध किया गया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ प्रदेश के स्कूलों में नया सत्र शुरू हो गया है, वहीं निजी स्कूल लूट का अड्डा बन गए हैं। बच्चों की शिक्षा को धंधा बना लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उदासीनता और प्रशासन की शिथिलता ने निजी स्कूलों को निरंकुश बना दिया है, जो लोकतंत्र और कल्याणकारी राज्य के सिद्धांतों के खिलाफ है।
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह, अशोक गुप्ता और महासचिव सतीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि आज जब आम आदमी को महंगाई ने बुरी तरह जकड़ लिया है, उसके लिए रोटी, इलाज और घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है, ऐसे में स्कूलों की यह लूट आम जनमानस पर सीधा हमला है। अभिभावक आर्थिक और मानसिक रूप से बुरी तरह पिस रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि सरकार अविलंब निजी स्कूलों के लिए एक पारदर्शी और छात्र हितैषी नियमावली बनाए, जिसमें फीस, किताबों और यूनिफॉर्म की दरें स्पष्ट और न्यायसंगत हों। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने इस ओर गंभीर कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में रियाज़ मनिहार, मुकेश चौबे, आसिफ रिज़्वी, अर्जुन कन्नौजिया, अकबर अली, वलीउल्लाह हाशमी, प्रहलाद गिरि, छोटकन गिरि, बजरंगी, काजी अमजद मुख़्तार, अरशद हबीब, हसीब अहमद, काजी काशिफ, बेचन गौतम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह मुद्दा अब सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि आम आदमी की जेब और बच्चों के भविष्य का सवाल बन चुका है।