बीजेपी सरकार के खिलाफ सपा का हल्ला बोल, सड़कों पर उतरे सपाई, कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन

सत्ता के नशे में चूर बीजेपी अब जनभावनाओं से कटती जा रही है। लोकतंत्र की आवाज़ को कुचलना ही इनका नया चेहरा बन गया है। विपक्ष को दबाने के लिए एजेंसियों का सहारा लेना इनकी हताशा दिखाता है। जनता अब सब देख रही है, जवाब समय देगा। इदरीश पटवारी स पा जिला उपाध्यक्ष

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सिद्धार्थनगर,
उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर गरमाहट देखने को मिली जब समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। करणी सेना द्वारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से नाराज़ सपाइयों ने इसे ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’ करार देते हुए राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला।

नाराज सपाइयों ने पार्टी कार्यालय से कलक्ट्रेट तक मार्च किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला जलाने की तैयारी की, लेकिन खुफिया तंत्र की सक्रियता से ऐन मौके पर पुलिस ने पुतला बरामद कर लिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

सपाइयों ने सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए ईडी, सीबीआई जैसे हथियारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष लालजी यादव ने कहा, “भाजपा सरकार बौखलाहट में समाजवादी नेताओं को निशाना बना रही है। यह तानाशाही अब नहीं चलेगी। हम हर जुल्म का डटकर मुकाबला करेंगे।”

प्रदर्शन के दौरान बांसी में लोगों को उनके मकानों से बेदखल करने की साजिश, एक प्रसिद्ध स्कूल को जबरन बंद कराने जैसे कई स्थानीय मुद्दे भी उठाए गए। सपा नेताओं ने कहा कि सरकार जनहित के किसी मुद्दे पर काम नहीं कर रही, बल्कि सत्ता के दम पर विपक्ष को दबाने का हरसंभव प्रयास कर रही है।

पूर्व विधायक अनिल सिंह, महासचिव कमरुज्जमा खान, राम मिलन भारती सहित दर्जनों वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में मौजूद रहे।
राज्यपाल को ज्ञापन भेज कर सपाइयों ने पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है और कहा है कि अगर उत्पीड़न नहीं रुका तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।