पुलिस पर ढिलाई का आरोप, डुमरियागंज में भाजपा नेताओं और समर्थकों का प्रदर्शन

Kapilvastupost

डुमरियागंज। 11 सितंबर को खीरा मंडी के पास हुई मारपीट और फिर गांव में ले जाकर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की कथित शिथिलता के खिलाफ गुरुवार को डुमरियागंज कस्बे में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र मणि त्रिपाठी समेत कई नेता और आम लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

​गुरुवार को दिन में करीब 11 बजे डुमरियागंज ब्लॉक परिसर में पीड़ित पक्ष, अल्लापुर निवासी और भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष शुभम त्रिपाठी के समर्थन में लोग जुटना शुरू हुए। भीड़ एकत्र होने के बाद, उन्होंने एसबीआई शाखा, मंदिर चौराहा होते हुए कचहरी मार्ग से पुलिस विरोधी नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर तक मार्च किया।

​भाजपा नेताओं ने दी बड़े प्रदर्शन की चेतावनी

​प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र मणि त्रिपाठी ने पुलिस पर मामले में ढिलाई बरतने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का घेराव करेंगे। इस दौरान भाजपा नेता अजय पाण्डेय, राम अशीष पाठक, दिनेश पाण्डेय, अभयराम पाण्डेय, सुनील पाठक, अजीत उपाध्याय, रज्जन पाण्डेय, मकेश्वर पाण्डेय भी मौजूद रहे।

​एसडीएम को सौंपे ज्ञापन की मुख्य मांगें

​एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित पक्ष ने घटना का पूरा ब्यौरा देते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।

पीड़ित पक्ष की ओर से शुभम त्रिपाठी ने 12 सितंबर को दी गई तहरीर में बताया था: ​उनके चचेरे भाई अंकुर त्रिपाठी और संदीप त्रिपाठी अपने दोस्त दुर्गेश मिश्र को उनके गांव धनोहरी छोड़ने गए थे।

11 सितंबर की देर शाम करीब 7:15 बजे वापस आते समय नेबुआ गांव के पास उनकी गाड़ी से एक व्यक्ति टकरा गया। दोनों भाइयों ने उसे उठाकर समझाया और डुमरियागंज वापस आने लगे।

​डुमरियागंज की खीरामंडी में अचानक कुछ लोग लामबंद होकर आए, जिन्होंने गाड़ी को रोक लिया।

आरोपियों के नाम: शिवपूजन, मनीष अग्रहरि, राजू चौधरी, राहुल चौधरी, मुकेश, मातादीन, श्याम, बजरंगी, विजयपाल, जैशम और कुछ अज्ञात लोग।

​इन लोगों ने गाड़ी का शीशा ईंट से तोड़कर संदीप और अंकुर त्रिपाठी को बाहर निकाला और लात-घूंसों से पीटा।

​इसके बाद दोनों भाइयों को बाइक पर बैठाकर नेबुआ गांव उठा ले गए

​नेबुआ गांव में ले जाकर उन पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया और लाठी-डंडों तथा लात-घूंसों से बुरी तरह मारा गया।

​शोर सुनकर भीड़ जमा होने पर आरोपी उन्हें मरणासन्न समझ कर, अपशब्द कहते हुए और जान से मारने की धमकी देते हुए पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गए।

​मारपीट के दौरान दो सोने की चेन और पर्स में रखे 10 हजार रुपये भी गुम हो गए।

​ज्ञापन में कहा गया है कि पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन एक आरोपी को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। प्रदर्शनकारियों ने शीघ्र ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।