📅 Published on: September 28, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर: 25 सितंबर 2025 / विश्व फार्मासिस्ट दिवस के उपलक्ष्य में, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन जिला इकाई के तत्वावधान में मेडिकल कॉलेज सभागार में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह की अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) डॉ. राजा गणपति आर. ने की, जिन्होंने फार्मासिस्टों के महत्व पर प्रकाश डाला।
फार्मासिस्ट का दायित्व केवल दवा वितरण तक सीमित नहीं: जिलाधिकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी का बुके, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. ने फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट का दायित्व केवल दवाओं का वितरण करना ही नहीं है, बल्कि अस्पताल में उपलब्ध औषधियों का वैज्ञानिक और सुरक्षित प्रबंधन करना भी है।
जिलाधिकारी ने आगे कहा, “वे यह सुनिश्चित करते हैं कि मरीजों को सही दवा, सही खुराक और सही समय पर उपलब्ध हो। इसके साथ ही, स्टॉक की निगरानी, जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और उनकी समयबद्ध सप्लाई की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होती है। फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होते हैं। मरीजों के इलाज में डॉक्टरों और नर्सों की भूमिका जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही अहम जिम्मेदारी सरकारी अस्पतालों में कार्यरत फार्मासिस्ट भी निभाते हैं।”
मरीजों को मुफ्त परामर्श देकर मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हैं फार्मासिस्ट: मुख्य चिकित्साधिकारी
मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने फार्मासिस्टों के मानवीय पक्ष पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत फार्मासिस्ट मरीजों को दवा के संभावित दुष्प्रभाव, परस्पर दवा की प्रतिक्रिया और बचाव के उपायों के बारे में बताते हैं। डॉ. चौरसिया ने कहा, “ग्रामीण और अशिक्षित मरीजों को सरल भाषा में समझाकर वे दवा सेवन की पूरी प्रक्रिया को सहज बनाते हैं। यही नहीं, वे जरूरत पड़ने पर मरीजों को मुफ्त परामर्श भी देते हैं, जो उनके मानवीय और संवेदनशील पक्ष को उजागर करता है।”
इस अवसर पर प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. राजेश मोहन, डॉ सत्येंद्र कुमार द्विवेदी, डॉ. विमल द्विवेदी, डॉ. नौशाद, डॉ. विष्णु, डॉ. नीलम, डॉ. चारु मिश्रा, डॉ. सगुफ्ता, डॉ. संजय शर्मा समेत अजय सिंह, वाईके द्विवेदी, पंकज पासवान, महेंद्र मिश्रा, नागेश पांडेय, अमित त्रिपाठी, पंकज शुक्ला, शमशुल खान, ओपी लाल श्रीवास्तव, अवधेश यादव, रतन शंकर चौधरी, शिवपूजन त्रिपाठी, शिवाकांत पांडेय, अशोक त्रिपाठी, आनंद चौधरी, बृजेश पांडेय, श्रीश श्रीवास्तव और अविनाश मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।