📅 Published on: September 29, 2025
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। थाना क्षेत्र के होलियापुर गांव में एक 15 वर्षीय किशोर की मौत इलाज में कथित लापरवाही के कारण हो गई है। पीड़ित परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
धोबहा चौराहे पर हुआ हादसा
होलियापुर गांव के निवासी इंद्रजीत साहनी (15) 24 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे अचानक बीमार हो गया। परिजन उसे इलाज के लिए धोबहा चौराहे पर स्थित जनता मेडिकल पर लेकर गए। यहां इमरान नाम के एक युवक ने, जो खुद को डॉक्टर बताता था, इंद्रजीत का इलाज शुरू किया।
परिजनों का गंभीर आरोप है कि इमरान ने पहले किशोर को ग्लूकोज चढ़ाया और फिर कमर में इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही इंद्रजीत की हालत तेजी से बिगड़ गई। उसके मुंह से खून और झाग आने लगे, शरीर अकड़ गया और वह बेहोश हो गया।
गंभीर हालत में किया रेफर, गोरखपुर में हुई मौत
परिजनों के अनुसार, इतनी गंभीर स्थिति होने के बावजूद इमरान ने कोई आपात इलाज नहीं किया और मरीज को सीधे रेफर कर दिया। किशोर को पहले डुमरियागंज, फिर बस्ती और अंत में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। दुखद है कि इलाज के दौरान 26 सितंबर को इंद्रजीत की मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया हत्या के समान अपराध का आरोप
बेटे का शव घर वापस आने के बाद पिता विष्णु साहनी ने शनिवार देर शाम थाने में तहरीर दी। पिता ने आरोप लगाया है कि आरोपी इमरान बिना किसी योग्यता और अनुभव के इलाज कर रहा था। उनका कहना है कि गलत और लापरवाहीपूर्ण इलाज के कारण ही उनके बेटे की जान गई है, जिसे उन्होंने हत्या के समान अपराध बताया है और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की विधिक कार्रवाई
पिता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष इटवा, श्यामसुंदर तिवारी ने बताया, “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पर आरोपित डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।” पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
झोलाछाप डॉक्टरों पर कब होगी कार्रवाई?
यह घटना एक बार फिर चिल्हिया, कंदवा, पलटादेवी, शोहरतगढ़ ,पकड़ी , बढ़नी , मढ़नी , कठेला क्षेत्र में बिना डिग्री और अनुभव के चल रहे मेडिकल स्टोर और क्लीनिकों पर इलाज कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों के खतरे को उजागर करती है। सवाल यह है कि ऐसे अवैध चिकित्सकों पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा कब सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि मासूम जानें बचाई जा सकें।