युवाओं को नशे के दलदल से निकाल कर जीवन के उजाले की ओर ले जाने हेतु सामाजिक पहल आवश्यक: अधिकारियों की मिलीभगत पर भी लगे लगाम

गुरु जी की कलम से

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत बढ़नी और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं का एक बड़ा वर्ग नशे के अंधकार में डूबकर अपने भविष्य को बर्बाद कर रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नशे के कारोबार को बंद कराने के लिए किए जा रहे अथक प्रयासों के बावजूद, कुछ भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी चंद “चांदी के टुकड़ों” के लालच में नशे के व्यापारियों को परोक्ष रूप से संरक्षण दे रहे हैं, जिस पर तुरंत लगाम लगाने की आवश्यकता है।

अपराध का दायरा बढ़ा रहे नशे के शिकार युवक

​नशे की लत के शिकार नवयुवक जब नशीले पदार्थों को खरीदने के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं कर पाते, तो वे पहले अपने ही घर में छोटी-मोटी चोरियां करते हैं। धीरे-धीरे, यह दायरा बढ़ता जाता है और वे बाहर भी अपराध की प्रवृत्ति में लिप्त हो जाते हैं। नशे के आदी लोग अपनी लत पूरी करने के लिए किसी भी स्तर तक गिरने को तैयार हो जाते हैं। इसका सीधा परिणाम यह होता है कि जहाँ नशे के आदी लोगों की आर्थिक स्थिति लगातार गिरती जाती है, वहीं नशीले पदार्थों के व्यापारियों की आर्थिक स्थिति “दिन दूनी रात चौगुनी” बढ़ती जाती है।

नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने की आवश्यकता

​इस गंभीर समस्या से निपटने और नशे के व्यापार को निर्णायक चोट पहुँचाने के लिए यह आवश्यक है कि सरकार अवैध व्यापार में संलिप्त अपराधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करे और समाज को नशामुक्त तथा सुरक्षित बनाने का पुरजोर प्रयास करे। इस व्यापक प्रयास में अभिभावकों से लेकर पूरे समाज को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

भारत-नेपाल सीमा पर कार्रवाई तेज

​भारत-नेपाल सीमा पर दोनों तरफ, नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त मैन्यूफैक्चर्स, मध्यस्थ, सप्लायर्स और पैडलर्स के विरुद्ध प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर वैधानिक एवं कानूनी कार्रवाई की जा रही है। देश एवं समाज के लिए घातक नशे के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने हेतु फारवर्ड तथा बैकवर्ड लिंकेजेज़ को टारगेट कर उन्हें पूरी तरह समाप्त करना होगा।

सख्त विधिक और आर्थिक कार्रवाई जरूरी

​नशीले पदार्थों और नशीली दवाओं के माफियाओं के विरुद्ध सख्त विधिक कार्यवाही करनी होगी।

​जब तक नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों द्वारा अर्जित संपत्ति का सरकार द्वारा जब्तीकरण नहीं किया जाएगा, तब तक इनका मनोबल बढ़ता ही रहेगा।

​अंततः, सभी प्रकार के नशे के दुष्परिणामों के प्रति समाज में एक व्यापक अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करना होगा ताकि युवाओं को नशे के अंधकार से निकालकर जीवन के उजाले की ओर ले जाया जा सके।