ख़बर का असर: मिलावटख़ोरों का ‘नेटवर्क’ पड़ा भारी, फूड विभाग की कार्रवाई से पहले शटर गिराकर भागे दुकानदार

सूचना लीक होने से ख़ाली हाथ लौटी टीम, त्योहार से पहले मिठाइयों में मिलावट का खेल जारी

गुरु जी की कलम से

बढ़नी: नगर पंचायत बढ़नी बाज़ार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (Food Safety and Drug Administration – FSDA) विभाग की टीम को सोमवार को उस वक़्त बैरंग लौटना पड़ा, जब नमूनों की जाँच के डर से मिलावटख़ोर दुकानदारों ने धड़ाधड़ अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए और फ़रार हो गए।

​दीपावली त्यौहार के मद्देनज़र बाज़ार में मिठाइयों की बढ़ती माँग के बीच, घटिया क्वालिटी और मिलावटी मिठाइयों की बिक्री की ख़बरों ने जब सुर्ख़ियाँ बटोरीं, तो विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद विभाग की टीम जब कस्बे में कार्रवाई के लिए पहुँची, तो कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित दुकानदारों के “मज़बूत नेटवर्क” के कारण कार्रवाई की सूचना पहले ही लीक हो गई।

शटर डाउन, टीम विफल

​स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाज़ार में बिकने वाली कई मिठाइयों में सस्ते, हानिकारक कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, एक्सपायर्ड दूध उत्पादों का भी प्रयोग मिठाइयाँ तैयार करने में हो रहा है, जो सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए ख़तरनाक है।

​खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरज कुमार ने इस कार्रवाई की विफलता की पुष्टि करते हुए कहा, “विभागीय टीम के पहुँचने से पहले ही लोग दुकान बंद कर फ़रार हो गए थे, जिसके कारण हम नमूना लेने में विफल रहे।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे दुकानदारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी रहेगी।

मिठास में कड़वाहट

​मिठाइयों में मिलावट की इन ख़बरों ने त्योहारों से पहले बाज़ार की मिठास को कड़वाहट में बदल दिया है। हालांकि, बार-बार सूचना लीक होने और टीम के आने से पहले ही दुकानों के बंद हो जाने की घटना, विभागीय कार्रवाई पर सवाल खड़े करती है और मिलावटख़ोरों के मज़बूत ‘नेटवर्क’ को चुनौती के रूप में सामने लाती है।