सिद्धार्थनगर: सरकारी बीज वितरण में अनियमितता से किसान परेशान, DM से जाँच की गुहार

बीज न मिलने पर किसानों में रोष, बिचौलियों को लाभ का आरोप

नियमतुल्लाह खान सिद्धार्थनगर।

​सिद्धार्थनगर जिले के बाँसी ब्लॉक स्थित महुआ कला सरकारी बीज भंडार पर बीज वितरण में घोर अनियमितता (irregularity) और पक्षपात (favoritism) के कारण किसान पिछले कई दिनों से परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि जिला कृषि अधिकारी (DAO) मोहम्मद मुजम्मिल के निर्देशों पर प्रभावशाली व्यक्तियों को बिना बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric verification) और बिना रजिस्ट्रेशन (Registration) के ही बीज उपलब्ध करा दिया जा रहा है, जबकि आम किसान पांच से छह दिनों तक लगातार गोदाम के चक्कर लगा रहे हैं और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

प्रमुख आरोप एवं शिकायतें

DAO पर आरोप: बीज गोदाम इंचार्ज सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल के कहने पर ही कुछ लोगों को बीज की बोरियां दी हैं।

बिना प्रक्रिया के वितरण: किसानों का आरोप है कि 1 नवंबर 2025 की सुबह से लाइन में लगने के बावजूद ग्राम सनफेरवा और बुजुर्ग गांव के किसानों को बीज नहीं मिला, जबकि कुछ लोगों को बिना लाइन नंबर और बिना निर्धारित प्रक्रिया के ही गेहूं बीज दे दिए गए।

फोन पर आदेश से वितरण: किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिला कृषि अधिकारी के आदेश से फोन पर बीज कुछ चुनिंदा लोगों को ही दिया जा रहा है।

बायोमेट्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन: शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कुछ लाभार्थियों को बायोमेट्रिक सत्यापन के बिना बीज वितरण किया गया है।

खुलेआम पक्षपात: खुनियांव ब्लॉक, ग्राम तिघरा (तहसील इटवा) के निवासी को बिना लाइन नंबर के ही बीज दे दिए गए। किसानों द्वारा विरोध करने पर बीज वितरण प्रभारी ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया।

अधिक दाम वसूलने का आरोप: किसानों का यह भी आरोप है कि बीज का जो सरकारी रेट (Government rate) है, उससे अधिक रुपया बीज गोदाम के इंचार्ज द्वारा लिया जा रहा है।

​शिकायतकर्ता नरेंद्र त्रिपाठी पुत्र संता राम त्रिपाठी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि सुबह 7 बजे से लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें और कई अन्य किसानों को बीज नहीं मिला।

किसानों की मांग और DM से गुहार

​किसानों का कहना है कि गेहूं बुवाई का सही समय चल रहा है, लेकिन बीज वितरण में मनमानी और पक्षपात के चलते आम किसानों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने आशंका जताई है कि जिम्मेदार अधिकारी बिचौलियों (Middlemen) के हाथ बीज बेचकर अच्छी-खासी रकम कमा रहे हैं, जिसकी वजह से किसान दर-दर भटक रहे हैं।

​किसानों ने जिलाधिकारी शिव शरणप्पा जीएन से महुआ कला बीज गोदाम स्टॉक की बायोमेट्रिक जांच कराने का आग्रह किया है, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता (Transparency) सुनिश्चित हो सके और सभी जरूरतमंद किसानों को समय पर बीज मिल सके। बीज वितरण में अनियमितता को लेकर किसानों में गहरा रोष व्याप्त है और उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है।