दुखद: सिद्धार्थ नगर में पोखरे में डूबने से युवती की मौत; गांव व परिवार की मरजी के बगैर प्रशासन ने कराया पोस्टमार्टम

घटना की खबर सुनकर गांव वाले मृतका के घर पर जमा हो गए। परिवार वाले और ग्रामीण पंचनामा बनाकर शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन प्रशासन ने रोका । ग्रामीणों की मर्जी के विरोध में पोस्टमार्टम के लिए भेजी गई लाश।

गुरु जी की कलम से

​बढ़नी/सिद्धार्थ नगर। ढेबरूआ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जियाभारी में एक मंदबुद्धि युवती की लाश पोखरे से बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि युवती शौच के लिए बाहर गई थी और गहरे पोखरे में डूबने से उसकी मृत्यु हो गई।

​​मृतका की पहचान: मृतका जमीरउल्लाह की पुत्री थी और वह मंदबुद्धि थी।

घटना का विवरण: परिजनों के अनुसार, युवती शौच के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान वह पास के गहरे पोखरे में गिर गई और डूबने से उसकी मौत हो गई।

शव की बरामदगी: घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने शव को पोखरे से निकालकर घर ला दिया।

अंतिम संस्कार की तैयारी को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों में तनाव 

घटना की खबर सुनकर गांव वाले मृतका के घर पर जमा हो गए। परिवार वाले और ग्रामीण पंचनामा बनाकर शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच, गांव के प्रधान ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दूरभाष से इंस्पेक्टर कोतवाली ढेबरूआ को दे दी।

पोस्टमार्टम पर गतिरोध: घटना की जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर ढेबरुआ पुलिस बल के साथ जियाभारी पहुंचे। पुलिस जहाँ लाश का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी, वहीं परिवार वाले और गांव वाले इसके लिए तैयार नहीं थे।

तहसील प्रशासन का हस्तक्षेप: गतिरोध बढ़ने पर पुलिस ने सारी वस्तु स्थिति से तहसील प्रशासन को अवगत कराया। जानकारी मिलने पर तहसीलदार शोहरतगढ़ प्रकाश सिंह यादव मौके पर पहुंचने के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

​इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

गांव में स्थित निजी पोखरे को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा

जियाभारी गांव में स्थित इस पोखरे में साल दर साल डूबकर होने वाली मौतों का सिलसिला रुक नहीं रहा है जिसको लेकर ग्रामीणों विरोध है गांव के लोगों का कहना है कि पोखरा औसत से ज्यादा गहरा है सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग करी कि पोखरे पर सुरक्षा व्यस्था चाक चौबंद हो जिससे मौतों का सिलसिला रोका जा सके।