विकास खंड बढ़नी – खरीकौरा और पड़रिया में ‘ग्राम चौपाल’ के दौरान समस्याओं का हुआ समाधान

गुरु जी की कलम से

विकासखंड बढ़नी क्षेत्र के ग्राम पंचायत खरीकौरा और पड़रिया में शुक्रवार को ‘ग्राम चौपाल’ का सफल आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
अधिकारियों और ग्रामीणों की रही उपस्थिति|

पड़रिया में विकास योजनाओं की जानकारी देते सचिव संजय कुमार

चौपाल में ग्राम प्रधान ममता और प्रधान प्रतिनिधि शिवा तिवारी की सक्रिय भागीदारी रही। शासन और प्रशासन की ओर से महत्वपूर्ण अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें ए डी ओ पंचायत राम बेलास, ग्राम पंचायत सचिव उदय प्रताप गौतम, लेखपाल वासुदेव तिवारी, रोजगार सेवक प्रमिला देवी, और पंचायत सहायक रुचि मिश्रा शामिल थे।

सुनी गईं प्रमुख समस्याएं

ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पेंशन, राशन कार्ड, आवास, पैमाइश (भूमि नाप), और साफ-सफाई से संबंधित अपनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। ग्राम विकास अधिकारी उदय गौतम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाना उनकी प्राथमिकता है।

लेखपाल वासुदेव तिवारी ने भूमि विवादों और पैमाइश से जुड़ी शिकायतों को सुना और जल्द ही समाधान का भरोसा दिया।

ए डी ओ पंचायत राम बेलास ने विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने का आश्वासन दिया।

ग्राम प्रधान ममता और प्रधान प्रतिनिधि शिवा तिवारी ने पंचायत स्तर पर चल रहे कार्यों की जानकारी दी और ग्रामीणों से सहयोग की अपील की।

सैकड़ों ग्रामीणों ने लिया हिस्सा

इस जन-सुनवाई कार्यक्रम में ग्रामीण दुर्गा प्रसाद, देवतादीन, रामजीत, त्रिवेणी, अहमद, अभिषेक, दुखी सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से सीधे संवाद स्थापित कर अपनी परेशानियाँ बताईं। ग्राम प्रधान ममता ने चौपाल में उपस्थित सभी अधिकारियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।

ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवा तिवारी ने बताया कि इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है। आगे भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे।

बताते चलें कि यह ग्राम चौपाल सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जन-समस्याओं के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक पहल साबित हुई।