सिहोंरवा में सफाई व्यवस्था ध्वस्त: सफाई कर्मी की लापरवाही से गांव में लगा गंदगी का अंबार, बीमारियों का खतरा बढ़ा

गुरु जी की कलम से

बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। स्वच्छ भारत मिशन के दावों को ठेंगा दिखाते हुए विकास खंड बढ़नी के ग्राम पंचायत सिहोरवा में गंदगी का साम्राज्य फैला हुआ है। गांव में नियुक्त सफाई कर्मी की कथित लापरवाही और ड्यूटी से नदारद रहने के कारण गलियां कूड़ेदान में तब्दील हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है।

कागजों पर सफाई, जमीन पर जलभराव

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नियमित साफ-सफाई न के बराबर होती है। नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं, जिसके कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। स्थिति इतनी बदतर है कि:

  • रास्तों पर जलभराव के कारण राहगीरों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को निकलने में भारी परेशानी हो रही है।

  • नालियों में जमा सड़े हुए पानी से भीषण दुर्गंध आ रही है।

  • कई जगहों पर ग्रामीण खुद ही अपने स्तर पर सफाई करने को मजबूर हैं।

बीमारियों की दस्तक: ग्रामीण दहशत में

स्थानीय निवासी अभिषेक यादव ने बताया कि जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर और रुकी हुई नालियों के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे गांव में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है, लेकिन प्रशासन मौन है।

ड्यूटी से गायब रहते हैं सफाई कर्मी

सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, गांव में तैनात सफाई कर्मी अक्सर ड्यूटी से गायब रहते हैं और ‘मौज’ काट रहे हैं। आरोप है कि उच्चाधिकारियों की अनदेखी के चलते सफाई कर्मी के हौसले बुलंद हैं। कभी-कभार ही गांव में दिखावे के लिए झाड़ू लगाई जाती है, जिससे स्थायी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

परेशान ग्रामीण : गंदगी के कारण बच्चों और बूढ़ों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। अगर जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो गांव में महामारी फैलने में देर नहीं लगेगी।

अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

सिहोरवा के निवासियों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि लापरवाह सफाई कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और गांव में नियमित सफाई सुनिश्चित कराई जाए ताकि जनता को इस नारकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।