सिद्धार्थनगर: जिलाधिकारी ने तहसील समाधान दिवस में दिखाई सख्ती, भ्रष्टाचार के आरोप में लेखपाल निलंबित

नियमतुल्लाह खान 
बांसी (सिद्धार्थनगर): डी एम शिव शरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में तहसील बांसी में ‘तहसील समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।

भ्रष्टाचार और लापरवाही पर गाज
समाधान दिवस के दौरान लमुई ताल में वरासत के एक मामले में अवैध धन की मांग करने और बिना अनुमति के ड्यूटी से गायब रहने का मामला सामने आया।

इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने लेखपाल राजाराम को निलंबित करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता के कार्यों में लापरवाही या भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भूमि विवादों के लिए ‘विशेष रजिस्टर’ बनाने के निर्देश

जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि:
* भूमि से संबंधित विवादों का समाधान केवल कागजों पर न करके मौके पर जाकर निरीक्षण के साथ किया जाए।
* सभी कानूनगो और लेखपाल अनिवार्य रूप से ‘भूमि संपत्ति रजिस्टर’ और ‘भूमि विवाद रजिस्टर’ तैयार करें।
* आईजीआरएस (IGRS) और तहसील दिवस की शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से हो।

शिकायतों का विवरण और निस्तारण

बांसी तहसील में आयोजित इस दिवस में कुल 48 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन और क्षेत्राधिकारी रोहिणी यादव ने पुलिस विभाग से संबंधित मामलों की सुनवाई की।
* तत्काल निस्तारण: राजस्व विभाग के 5 मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया।
* डेडलाइन: शेष सभी शिकायतों को 3 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत निस्तारण करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी (SDM) बांसी नितिन चक्रवर्ती, सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया, पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, डीडीओ सतीश सिंह, डीएसओ देवेन्द्र प्रताप सिंह सहित जनपद स्तरीय कई अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी और थानाध्यक्ष मौजूद रहे।