बलरामपुर: जंगल गई युवती पर तेंदुए का खूनी हमला, मौके पर ही दर्दनाक मौत; गांव में दहशत का माहौल

देवेंदर सिंह 

पचपेड़वा (बलरामपुर): तराई के इलाकों में वन्यजीवों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार सुबह पचपेड़वा विकास खंड के विशुनपुर कोडर गांव में उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक आदमखोर तेंदुए ने लकड़ी चुनने गई 25 वर्षीय युवती को अपना निवाला बना लिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।

कैसे हुई घटना?

विशुनपुर कोडर निवासी बुधई की पुत्री कमला (25) शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे खाना बनाने के लिए सूखी लकड़ियां बीनने गांव के पास वाले जंगल की ओर गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों और पदचिह्नों के अनुसार, तेंदुआ झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था। जैसे ही युवती वहां पहुंची, तेंदुए ने उसकी गर्दन पर जानलेवा हमला कर दिया। कमला को संभलने का मौका तक नहीं मिला और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

गांव में पसरा सन्नाटा, परिजनों का बुरा हाल

जब काफी देर तक युवती घर नहीं लौटी और शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। युवती का शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका के पिता और परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग अब अपने घरों से बाहर निकलने और खेतों में जाने से भी डर रहे हैं।

वन विभाग पर उठे सवाल

ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और वन विभाग द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों ने मांग की है कि:

  • आदमखोर तेंदुए को तुरंत पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए।

  • जंगल के सीमावर्ती इलाकों में गश्त (Patrolling) बढ़ाई जाए।

  • मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।

चेतावनी: वन विभाग ने अपील की है कि ग्रामीण अकेले जंगल की ओर न जाएं और बच्चों व मवेशियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें|