सिद्धार्थनगर: स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में बड़ा खुलासा, बिना पंजीकरण चल रहा था अस्पताल; अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मिलने से हड़कंप, उसका बाजार में खुले आम चल रहा है फर्जी अल्ट्रा साउंड सेंटर

उसका बाजार में भी चल रहा है फर्जी अल्ट्रा साउंड सेंटर विभाग की नजर से क्यों छूटा है।

Niyamtullah khan 
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर): जनपद में अवैध अस्पतालों और बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे जांच केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। डुमरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के कनकटी चौराहे पर स्थित ‘आरएस हॉस्पिटल फ्रैक्चर क्लीनिक’ पर छापेमारी के दौरान जो नजारा दिखा, उसने स्वास्थ्य महकमे के दावों और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

संयुक्त टीम की कार्रवाई, मौके पर मिला अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड
28 दिसंबर को नैदानिक स्थापना (निजी अस्पताल) के नोडल अधिकारी डॉ. एमएम त्रिपाठी, एसडीएम राजेश कुमार और सीएचसी बेंवा के अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के कई संदिग्ध अस्पतालों पर छापेमारी की। टीम जब कनकटी चौराहे पर स्थित आरएस हॉस्पिटल फ्रैक्चर क्लीनिक पहुंची, तो वहां का दृश्य चौंकाने वाला था।
अस्पताल न केवल अवैध रूप से संचालित हो रहा था, बल्कि वहां बिना पंजीकरण के पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन का भी धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा था। इसके अलावा, वहां पैथोलॉजी और ऑपरेशन थिएटर (OT) भी अवैध रूप से चलते पाए गए।

PCPNDT एक्ट की उड़ी धज्जियां, संचालक के पास नहीं थे जवाब
पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन का मिलना PCPNDT एक्ट (गर्भ धारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम) का खुला उल्लंघन है। छापेमारी के दौरान जब नोडल अधिकारी ने संचालक से पूछा कि यह मशीन कौन संचालित कर रहा था और इसके लिए अनुमति कहां है, तो संचालक कोई भी संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

अस्पताल अवैध मिलने पर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। छापेमारी के दौरान पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन भी संचालित पाई गई है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।”
 डॉ. एमएम त्रिपाठी, नोडल अधिकारी (नैदानिक स्थापना)
विभागीय मिलीभगत की आशंका, उठ रहे हैं सवाल
यद्यपि अस्पताल को सील कर दिया गया है, लेकिन चर्चा का विषय यह है कि पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड जैसा गंभीर मामला पकड़े जाने के बावजूद अभी तक कड़ी धाराओं (PCPNDT एक्ट) में प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्थानीय लोगों और विभागीय सूत्रों का आरोप है कि जनपद भर में ऐसे अवैध क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का जाल फैला हुआ है, जो कथित तौर पर विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से फल-फूल रहा है।