सिद्धार्थनगर: इलाज में लापरवाही और घूस न देने पर ‘गलत इंजेक्शन’ से मौत, डॉक्टर समेत 3 पर गैर-इरादतन हत्या का केस

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिला अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने अस्पताल के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर, फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (धारा 105 BNS) का मुकदमा दर्ज किया है।

आरोप है कि ₹5,000 की रिश्वत न देने पर मरीज को एक के बाद एक पांच इंजेक्शन लगाए गए, जिससे उसकी जान चली गई।
क्या है पूरा मामला?
कोयड़ा (थाना जोगिया) निवासी राम गिरीश ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ित पिता के अनुसार, उनके बेटे विशाल चौहान का पैर 15 नवंबर 2024 को फ्रैक्चर हो गया था। जिला अस्पताल में प्लास्टर के बाद वह घर चला गया, लेकिन 17 नवंबर को तबीयत बिगड़ने पर उसे दोबारा अस्पताल लाया गया।

रिश्वत के विवाद में ‘मौत की सुई’
आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉ. प्रदीप कुमार, फार्मासिस्ट मणिकांत शुक्ल और वार्ड बॉय कमलवीर ने इलाज के बदले ₹5,000 की मांग की। पीड़ित ने नकद न होने पर गूगल पे (Google Pay) करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन आरोपी नकद पर अड़े रहे। जब राम गिरीश ने सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज की बात कही, तो आरोपी भड़क गए।

पीड़ित का आरोप है कि नाराजगी में आरोपियों ने उसके बेटे को एक के बाद एक पांच इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर पिता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
पुलिस की कार्रवाई
CJM कोर्ट के कड़े रुख के बाद सिद्धार्थनगर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद ने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार मुकदमा पंजीकृत कर मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद से जिला अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।