भ्रष्टाचार का खेल: पेंशन के लिए बुजुर्गों को कागज पर किया ‘मृत घोषित’, जिंदा करने के बदले मांगे जा रहे 5000 रुपये

Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ वृद्धावस्था पेंशन पाने वाले पात्र बुजुर्गों को सरकारी दस्तावेजों में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया है। अब इन बुजुर्गों को सरकारी रिकॉर्ड में दोबारा ‘जिंदा’ दिखाने के बदले ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा ₹5000 की रिश्वत मांगी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
मामला तब प्रकाश में आया जब डुफेड़िया, पुदुन और लक्ष्मणपुर उर्फ बल्लीजोत गांव के कई बुजुर्गों की पेंशन अचानक रुक गई। जब गांव के निवासी छोटकन और अन्य पीड़ितों ने इसकी पड़ताल की, तो वे यह जानकर दंग रह गए कि लिस्ट में उनके नाम के आगे ‘मृतक’ लिखा हुआ है।
पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी से संपर्क किया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वे खुद को कागजों में फिर से जीवित देखना चाहते हैं और पेंशन चालू करवाना चाहते हैं, तो उन्हें ₹5000 देने होंगे।
प्रशासन की कार्रवाई
इस धांधली से परेशान होकर पीड़ितों ने विकास भवन स्थित समाज कल्याण कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा मामला संज्ञान में है और पीड़ितों ने इसके साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। सत्यापन के दौरान इन पात्रों को मृत दिखाया गया है। सुधार के निर्देश दे दिए गए हैं और संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीडीओ (CDO) की ओर से खंड विकास अधिकारी को पत्र जारी किया जा रहा है।”

बताते चलें कि इस घटना ने सरकारी मशीनरी में निचले स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार और सत्यापन प्रक्रिया की खामियों को उजागर कर दिया है। अब बुजुर्गों को इंतजार है कि कब प्रशासन उन्हें कागजों पर ‘जिंदा’ कर उनकी पेंशन बहाल करेगा।

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