📅 Published on: April 30, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर (खेसरहा): खेसरहा थाना क्षेत्र के बदुरगहना गांव में बुधवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक 40 वर्षीय युवक ने अपने ही घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
छप्पर के बांस से बनाया फंदा
जानकारी के अनुसार, बदुरगहना निवासी बलिराम (40) पुत्र शिवचरन ने बुधवार सुबह लगभग 8:00 बजे घर के छप्पर में लगे बांस के सहारे फंदा लगाया और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। परिजनों ने जब उसे फंदे से लटकता देखा, तो घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए, लेकिन तब तक बलिराम की मृत्यु हो चुकी थी।
मानसिक रूप से अस्वस्थ था युवक
परिजनों ने बताया कि बलिराम पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा था। उसका इलाज भी कराया जा रहा था, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा था। आशंका जताई जा रही है कि इसी मानसिक परेशानी और तनाव के वशीभूत होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
अकेला वारिस था मृतक, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
बलिराम अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसकी मृत्यु से न केवल वृद्ध माता-पिता का सहारा छिन गया है, बल्कि उसकी पत्नी आरती और तीन छोटे बच्चों—भोला, कृष्णनाथ व पुत्री उर्मिला—के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। परिजनों के विलाप से मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंपा गया शव
घटना की सूचना पाकर खेसरहा थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया था, जिसके बाद पंचनामा भरकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।