कुपोषण मुक्त सिद्धार्थनगर: जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर रुकेगा वेतन
📅 Published on: March 12, 2026
kapilvastupost
सिद्धार्थनगर, 12 मार्च 2026 – जनपद को कुपोषण की समस्या से उबारने और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य स्तर को सुधारने के लिए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। कैंप कार्यालय में आयोजित जिला पोषण समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर गिरी गाज: बीएमएम का वेतन रोकने का निर्देश
बैठक के दौरान समीक्षा में पाया गया कि बीएमएम (ब्लॉक मिशन मैनेजर) शोहरतगढ़ और बर्डपुर द्वारा टीएचआर (Take Home Ration) प्लांट का बिल समय से उपलब्ध नहीं कराया गया। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बीएमएम का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कुपोषण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की उपस्थिति में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निम्नलिखित मुख्य निर्देश दिए:
सटीक पहचान और लाभ: जनपद में कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों की तत्काल पहचान कर उन्हें शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।
नियमित निगरानी: आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन नियमित हो और वहां मिलने वाले पूरक पोषाहार की गुणवत्ता उच्च स्तर की हो।
गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य: गर्भवती एवं धात्री माताओं के टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच और उन्हें आयरन व कैल्शियम की दवाओं का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
आपसी समन्वय: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर जागरूकता अभियान चलाए जाएं।


