सिद्धार्थनगर: 37 मनोनीत सभासदों से नगर निकायों को मिली नई ताकत, विकास की रफ्तार होगी तेज

नगर पंचायत उसका चेयरमैन हेमंत जायसवाल , बढ़नी से सुनील अग्रहरि , मिथुन अग्रहरि ,व्यापारी नेता संजय मित्तल, निजाम सभासद आदि ने दी बधाई।

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सिद्धार्थनगर: जिले की नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में लंबे इंतजार के बाद शासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए कुल 37 सभासदों को मनोनीत किया है। इस निर्णय से न केवल स्थानीय निकायों के राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं, बल्कि रुके हुए विकास कार्यों को भी नई गति मिलने की उम्मीद जगी है।
बढ़नी बाजार: विकास के नए ‘सारथी’ नियुक्त
विशेष रूप से नगर पंचायत बढ़नी बाजार में शासन द्वारा तीन प्रमुख चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। महामहिम राज्यपाल के ‘प्रसाद’ पद के अंतर्गत नगर पालिका एक्ट 1916 के अधीन त्रियुगी नाथ अग्रहरि, श्रीमती अनीता जायसवाल और रामधनी मौर्य “मुन्नू मौर्या”को मनोनीत किया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन सदस्यों के सुझावों से बढ़नी बाजार के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

जिले भर में नियुक्तियों का विवरण
शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार जिले की 2 नगर पालिकाओं में 10 और 9 नगर पंचायतों में 27 सदस्यों को नामित किया गया है:
| निकाय का नाम | मनोनीत सदस्य (प्रमुख नाम) |
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| नगर पालिका सिद्धार्थनगर सदर | राजेश जायसवाल, भानु सिसोदिया, पूनम मित्तल, महेश प्रसाद, बबलू श्रीवास्तव |
| नगर पालिका बांसी | सुशीला, मंगल प्रसाद चौरसिया, वीरेंद्र प्रताप, नंदिनी श्रीवास्तव, घनश्याम जायसवाल |
| नगर पंचायत बढ़नी चाफा | प्रमोद गौतम, संतोष कुमार गुप्ता, पूनम चौधरी |
| नगर पंचायत इटवा | दीप नारायण त्रिपाठी, राधेश्याम गिरी, रामकृपाल चौधरी |
| नगर पंचायत उसका बाजार | दिलीप सिंह, सावित्री देवी गौड़, पवन जायसवाल |
इसके अतिरिक्त कपिलवस्तु, बिस्कोहर, भारत भारी, शोहरतगढ़ और डुमरियागंज में भी सदस्यों की नियुक्ति की गई है।

राजनीतिक और सामाजिक संतुलन पर जोर
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इन नियुक्तियों के माध्यम से शासन ने सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है। विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए यह सूची तैयार की गई है, जिससे सभी समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

जनता की समस्याओं को मिलेगी आवाज
नगर निकायों में साफ-सफाई, सड़क, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसे बुनियादी मुद्दों से जुड़े कई प्रस्ताव लंबित थे। अब बोर्ड की बैठकें अधिक प्रभावी होंगी और नए सभासदों के जुड़ने से जनहित के निर्णयों में तेजी आएगी।
कुल मिलाकर, यह मनोनयन सिद्धार्थनगर के शहरी निकायों के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि ये नए सदस्य जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।