📅 Published on: March 18, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित कस्बा बढ़नी इन दिनों स्मैक के अवैध कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। ताजा मामला नगर पंचायत बढ़नी के वार्ड नंबर 3 और मधवा नगर क्षेत्र का है, जहाँ नशे के सौदागरों और नशेड़ियों के बीच एक ‘साहब’ के फंसने की खबर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
नेपाल से भी खिंचे चले आ रहे नशेड़ी
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बढ़नी के कुछ चिन्हित इलाकों में स्मैक की सुगमता से उपलब्धता के कारण न केवल स्थानीय, बल्कि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के नशेड़ी भी रेलवे लाइन पार कर यहाँ पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्मैक के बड़े कारोबारियों की ‘ऊंची पहुंच’ के कारण उन पर हाथ डालने से प्रशासन भी कतराता है, जिसका फायदा उठाकर नशेड़ी बेखौफ होकर घूम रहे हैं।
सादे लिबास में पहुंचे साहब, फिर हुआ दंगल
चर्चा है कि सोमवार को पुलिस चौकी क्षेत्र के मधवा नगर में सादे कपड़ों में एक ‘साहब’ नशे की दुकानों के पास स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर नशेड़ियों और उनके बीच कहासुनी हो गई। नशा और पैसे के विवाद में नशेड़ी इस कदर बेखौफ हो गए कि उन्होंने साहब पर ही हमला बोल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धक्का-मुक्की में नशेड़ी भारी पड़ते दिखे। स्थिति बिगड़ती देख साहब ने आनन-फानन में फोन कर अपने साथियों को मौके पर बुलाया, तब जाकर मामला शांत हुआ और वह अपनी गरिमा बचा सके।
जांच का विषय: क्या है सच्चाई?
दिनदहाड़े हुई इस झड़प ने स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। हालांकि, इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। क्षेत्र में यह घटना कौतूहल का विषय बनी हुई है कि आखिर वे ‘साहब’ कौन थे और नशेड़ियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए? क्या वाकई नशे के सौदागरों को किसी सफेदपोश का संरक्षण प्राप्त है? इन सवालों के जवाब एक निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।