📅 Published on: March 26, 2026
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी, शोहरतगढ़ और इटवा क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह ने भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों व कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Kapilvastupost
बढ़नी/शोहरतगढ़/इटवा:
सिद्धार्थनगर जिले के विभिन्न कस्बों में बुधवार को पेट्रोल और डीजल की किल्लत की अफवाह फैलने के बाद पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लोग हाथों में गैलन और डिब्बे लेकर ईंधन का भंडारण करने के लिए लंबी लाइनों में खड़े नजर आए। स्थिति इतनी अनियंत्रित हो गई कि भीड़ को संभालने के लिए पुलिस प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा।
अफवाह और जमीनी हकीकत
क्षेत्र के शोहरतगढ़ में स्थित चार पेट्रोल पंपों में से तीन के ‘ड्राई’ होने के बोर्ड लगते ही जनता में घबराहट फैल गई। स्थानीय निवासी विनीत कमलापुरी के अनुसार, वैश्विक संकट की खबरों के बीच फैली अफवाहों ने लोगों को डरा दिया है, जिससे वे जरूरत से ज्यादा तेल संग्रह करने में जुट गए हैं। वहीं, इटवा में एसडीएम कुणाल ने रात के समय छापेमारी कर एक पिकअप वाहन को पकड़ा, जिसमें अवैध रूप से टंकी और गैलनों में भरकर तेल ले जाया जा रहा था। पुलिस ने वाहन सीज कर तीन युवकों का चालान किया है।
जिलाधिकारी की कड़ी चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रम फैला रहे हैं। आपूर्ति सामान्य है और जो पंप खाली हुए हैं, वहां कंपनियों से वार्ता कर पुनः खेप मंगवाई जा रही है। अफवाह फैलाने वालों और तेल की कालाबाजारी करने वालों पर आईटी एक्ट और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
शोहरतगढ़ में एसडीएम विवेकानंद मिश्र और सीओ मयंक द्विवेदी ने स्वयं पेट्रोल पंपों का दौरा किया और जनता से शांति बनाए रखने की अपील की। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अनावश्यक भंडारण से ही कृत्रिम संकट पैदा हो रहा है, जिसे रोकने के लिए आपूर्ति विभाग को सघन जांच के निर्देश दिए गए हैं।