दहेज हत्या का ऐतिहासिक फैसला: कोर्ट ने मां और बेटे को सुनाई उम्रकैद की सजा

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बांसी (सिद्धार्थनगर): न्याय मिलने में भले ही समय लगा, लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई। बांसी के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने दहेज के लिए बहु की हत्या करने के पांच साल पुराने मामले में एक कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी पति और उसकी मां को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 8 अप्रैल 2020 का है। ग्राम सिंघीया (थाना जोगिया उदयपुर) निवासी विजय प्रकाश यादव ने बांसी कोतवाली में तहरीर दी थी कि उन्होंने अपनी पुत्री अनीता यादव का विवाह ग्राम रैनाजोत निवासी अनिल यादव के साथ किया था।
आरोप के मुताबिक, शादी के बाद से ही अनिल और उसकी मां फूलमती देवी दहेज की मांग को लेकर अनीता को प्रताड़ित करते थे। अंततः दहेज की खातिर अनीता को जिंदा जलाकर मार दिया गया।
कानूनी कार्रवाई और कोर्ट का फैसला
पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था:
* धारा 498ए: विवाहित महिला के साथ क्रूरता।
* धारा 304बी: दहेज मृत्यु (Dowry Death)।
* धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम: दहेज लेना या मांगना।
शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य प्रकाश आर्य ने मामले की अंतिम सुनवाई की। गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अनिल यादव और फूलमती देवी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा का ऐलान किया।

न्याय की जीत
पांच साल के लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले से मृतका के परिवार ने राहत की सांस ली है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी अधिवक्ता संतोष कुमार मिश्र ने की।