सिद्धार्थनगर: लोन के नाम पर ‘रिश्वतखोरी’, SBI शाखा प्रबंधक पर ₹30,000 लेने का आरोप

इस मामले के बाद सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि  मुख्यमंत्री युवा उद्द्यम योजना सिद्धार्थ नगर जनपद में अपना बेस्ट नहीं कर पाती है कभी साठ प्रतिशत कभी सत्तर प्रतिशत योजना का अचीवमेंट हो पाता है |

नियमतुल्लाह खान 

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से बैंकिंग व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहाँ मन्नीजोत स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के शाखा प्रबंधक पर लोन पास कराने के नाम पर एक ग्रामीण से रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित ने न्याय के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल का दरवाजा खटखटाया है।

रुपये लेकर भी नहीं किया काम, चक्कर काट रहा पीड़ित

जानकारी के मुताबिक, कटरिया बाबू गांव के निवासी साहेबदीन ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपने व्यक्तिगत कार्य हेतु लोन की आवश्यकता थी। आरोप है कि मन्नीजोत शाखा के प्रबंधक ने लोन स्वीकृत करने के बदले उनसे 30,000 रुपये की रिश्वत ली।

साहेबदीन का कहना है कि रिश्वत की रकम देने के बावजूद उनका लोन पास नहीं किया गया। बैंक प्रबंधक द्वारा उन्हें बार-बार बैंक के चक्कर लगवाए जा रहे हैं, जिससे वह आर्थिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी टूट चुके हैं।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत

बैंक के रवैये और प्रबंधक की मनमानी से तंग आकर पीड़ित साहेबदीन ने अब शासन की शरण ली है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी प्रबंधक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें न्याय दिलाया जाए।

“मुझसे पैसे ले लिए गए और अब काम के लिए बार-बार दौड़ाया जा रहा है। मैं मानसिक रूप से परेशान हो चुका हूँ, इसलिए मैंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है।” > — साहेबदीन, शिकायतकर्ता

फिलहाल, इस पूरे मामले पर बैंक प्रशासन या संबंधित उच्चाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन इस घटना ने बैंकिंग सेवाओं की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।