📅 Published on: April 10, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रवक्ता पवन खेड़ा पर की गई टिप्पणी का विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को सिद्धार्थनगर के सांडी तिराहे पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्ष **क़ाज़ी सुहेल अहमद** के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री का पुतला फूँका।
**पुलिस के साथ हुई नोकझोंक**
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब सांडी तिराहे पर मुस्तैद भारी पुलिस बल ने जलते हुए पुतले को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथ से छीन लिया और आग बुझा दी। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर तक छीना-झपटी और धक्का-मुक्की चलती रही।
**लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार: जिलाध्यक्ष**
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि भाजपा नेता लगातार राजनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “एक मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग देश की राजनीतिक संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।”
वहीं जिला उपाध्यक्ष सादिक अहमद और अनिल सिंह अन्नू ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की अमर्यादित बयानबाजी नहीं रुकी, तो कांग्रेस कार्यकर्ता बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। महासचिव सतीश चन्द्र त्रिपाठी और राजन श्रीवास्तव ने इसे हार की बौखलाहट करार दिया।
इस विरोध प्रदर्शन में सुदामा प्रसाद, अश्विनी सिंह सोलंकी, मैनुद्दीन प्रधान, रितेश त्रिपाठी, रियाज़ मनिहार, मोबीन खान, दिवाकर त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, श्रीमती रुखमीना सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।