डुमरियागंज: फर्जी दस्तावेजों से पूर्वजों की जमीन हड़पने का भंडाफोड़, 10 पर केस दर्ज

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डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर): कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर जमीन पर अवैध कब्जा करने के मामले में डुमरियागंज पुलिस ने एक सोसायटी से जुड़े 10 नामजद लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई बस्ती मंडल के डीआईजी के निर्देश और सीओ की जांच रिपोर्ट के बाद की गई है।
मुख्य घटनाक्रम शिकायतकर्ता:** नूर आलम (निवासी बेलवाडाडी, बस्ती)।
मामला: नूर आलम के नाना (बरखुरदार) की मृत्यु के बाद उनकी भूमि (गाटा संख्या 479) पर फर्जी तरीके से कब्जा किया गया।
आरोप:** 1975 में बिना किसी रजिस्ट्री के ‘अंजुमन रहमानिया इस्लामिया’ के नाम से एक फर्जी ‘हिब्बा नामा’ (दान पत्र) तैयार किया गया, जिस पर नाना के हस्ताक्षर भी नहीं थे।
नया पैंतरा:** पीड़ित का आरोप है कि 2011-12 में ‘इस्लामिया रहमानिया एजुकेशनल सोसायटी’ के नाम से एक नई फर्म बनाकर दोबारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्जा बरकरार रखा गया।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने एसपी को जांच के आदेश दिए थे। सीओ डुमरियागंज बृजेश वर्मा द्वारा की गई जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस ने निम्नलिखित 10 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है:
1. मोहम्मद उमर
2. अब्दुल रहमान
3. जमी
4. अबूबकर राईनी
5. तुफैल अहमद
6. डॉक्टर हामिद
7. हलीम
8. साहब अली
9. बबलू
10. बिजली
स्थानीय थाने के अनुसार “धोखाधड़ी कर जमीन कब्जाने के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।” — श्रीप्रकाश यादव, इंस्पेक्टर