📅 Published on: May 27, 2026
सूत्रों के अनुसार खूनुवा बॉर्डर पर भी एक अस्पताल सक्रिय हैं जहां एक फार्मासिस्ट पूरा अस्पताल संचालित करता है।
गुरु जी की कलम से
सिद्धार्थनगर / इटवा
इटवा कस्बे के डुमरियागंज रोड स्थित ‘जनता सेवा हॉस्पिटल’ में प्रसव के दौरान हुई नवजात बच्चे की मौत का मामला अब तूल पकड़ चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब की है। वहीं, मंगलवार को जब स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की टीम अस्पताल जांच करने पहुंची, तो वहां के हालात देखकर दंग रह गई।
प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप, प्रसूता की हालत गंभीर
इटवा थाना क्षेत्र के सहदेइया गांव निवासी चंद्रमणि ने शनिवार रात अपनी पत्नी वंदना को प्रसव पीड़ा होने पर जनता सेवा अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने महिला डॉक्टर की मौजूदगी और सुरक्षित डिलीवरी का भरोसा दिया था।
शनिवार रात करीब 11 बजे ऑपरेशन (सिजेरियन) के जरिए प्रसव तो कराया गया, लेकिन जन्म के तुरंत बाद नवजात की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि अस्पताल में न तो कोई योग्य डॉक्टर था और न ही जरूरी जीवन रक्षक उपकरण। इसी अव्यवस्था और समय पर इलाज न मिलने के कारण रविवार को नवजात ने दम तोड़ दिया। फिलहाल प्रसूता वंदना की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
जांच टीम को मौके पर नहीं मिला कोई डॉक्टर
घटना की गूंज प्रशासन तक पहुंचते ही इटवा सीएचसी अधीक्षक डॉ. संदीप द्विवेदी के निर्देश पर डॉ. बीके सिंह, दिनेश श्रीवास्तव और संजय चौधरी की संयुक्त टीम मंगलवार को जांच के लिए अस्पताल पहुंची।
*जांच के दौरान बड़ा खुलासा:*
टीम जब अस्पताल के भीतर दाखिल हुई, तो वहां हड़कंप मच गया। मौके पर कोई भी डॉक्टर या विशेषज्ञ मौजूद नहीं था। पूरी व्यवस्था राजेश कुमार नाम के एक युवक के भरोसे चल रही थी, जिसने खुद को फार्मासिस्ट बताया। जांच टीम ने अस्पताल संचालक को कड़ी फटकार लगाते हुए पंजीकरण (Registration) और संचालन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।
CMO ने गठित की 3 सदस्यीय जांच कमेटी
इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने एक उच्चस्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। इस कमेटी में शामिल अधिकारी हैं:
* **डॉ. आरजी सिंह** (एसीएमओ आरसीएच)
* **डॉ. आशीष कुमार अग्रहरि** (डिप्टी सीएमओ)
* **डॉ. संदीप कुमार द्विवेदी** (इटवा सीएचसी अधीक्षक)
सीएमओ ने पत्र जारी कर जांच कमेटी को सख्त निर्देश दिए हैं कि अस्पताल की इस कथित लापरवाही की बारीकी से जांच कर **7 दिनों के भीतर** अपनी विस्तृत रिपोर्ट कार्यालय को सौंपें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।