गैस सिलेंडर न मिलने पर भड़के उपभोक्ता, गैस एजेंसी पर मनमानी का आरोप लगाकर किया जोरदार हंगामा

 गुरु जी की कलम से

बढ़नी (सिद्धार्थनगर) |
बढ़नी बाजार और आसपास के ग्रामीण इलाकों में **युग कृष्णा गैस एजेंसी** की मनमानी के खिलाफ उपभोक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। मंगलवार को गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज सैकड़ों उपभोक्ताओं ने वितरण स्थल पर जोरदार हंगामा किया। हंगामा इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी, जिसने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को शांत कराया।
**क्या है पूरा मामला?**
मंगलवार को गांधी आदर्श विद्यालय बढ़नी के प्रांगण में सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लगी हुई थी। इसी बीच, निर्धारित स्थल से कुछ दूरी पर स्थित सहकारी गन्ना समिति के दफ्तर के पास गैस वितरण के लिए एक गाड़ी पहुँची। वहाँ पहले से जारी टोकन पर्ची लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग एकत्र हो गए।
जैसे ही वितरण शुरू हुआ, एजेंसी के कर्मचारियों ने पूर्व में जारी की गई **’सफेद पर्ची’** को फर्जी करार देते हुए उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर देने से साफ मना कर दिया।
**सफेद और लाल पर्ची को लेकर बढ़ा विवाद**
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी कर्मचारियों ने सफेद पर्ची वाले ग्राहकों को तो मना कर दिया, लेकिन कुछ ‘लाल पर्ची’ वाले लोगों को गैस सिलेंडर वितरित कर दिए। इस भेदभाव और मनमानी को देखकर सफेद पर्ची वाले ग्राहकों की भीड़ उग्र हो गई और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
**सफेद पर्ची का सच:** उपभोक्ताओं का कहना है कि यह सफेद पर्ची डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड खारिज होने के बाद स्वयं एजेंसी की मोहर और हस्ताक्षर के साथ ग्राहकों को जारी की गई थी। जब लोगों ने इस पर्ची पर गैस न देने का लिखित कारण पूछा, तो एजेंसी कर्मचारियों के पास कोई सही जवाब नहीं था।
**पुलिस ने मौके पर पहुँचकर संभाला मोर्चा**
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी बढ़नी के प्रभारी **वीरेंद्र यादव** पुलिस बल के साथ तुरंत गैस सिलेंडर वितरण स्थल पर पहुँचे। उन्होंने सप्लाई इंस्पेक्टर **राणा प्रताप सिंह** और गैस एजेंसी के संचालक से फोन पर बात कर घटना की पूरी जानकारी दी और मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन समस्या का कोई ठोस निस्तारण नहीं हो सका।
**उच्च स्तरीय जांच की मांग**
आरोप है कि हंगामे के बीच ही एजेंसी कर्मी बचे हुए कुछ सिलेंडर चुपचाप बांटकर वहाँ से चलते बने। उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी न होने पर भी गहरी नाराजगी जताई है। पीड़ित ग्राहकों ने अब इस पूरे मामले की उच्चाधिकारियों से **उच्च स्तरीय जांच** कराने की मांग की है।