फर्जी रेल टिकट रैकेट का भंडाफोड़: आधार कार्ड और QR कोड एडिट कर यात्रा कर रहे 4 यात्री गिरफ्तार, मुंबई का जालसाज मास्टरमाइंड

Kapilvastupost
बस्ती/सिद्धार्थनगर:
रेलवे में फर्जी टिकटों के जरिए भोले-भाले यात्रियों को ठगने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। स्पेशल टास्क टीम (STT) लखनऊ और बस्ती आरपीएफ (RPF) ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए शनिवार शाम को कुशीनगर एक्सप्रेस में फर्जी टिकट पर यात्रा कर रहे एक महिला सहित चार यात्रियों को धर दबोचा। जांच में सामने आया कि मुंबई के एक जालसाज ने असली यात्रियों के टिकटों में आधार कार्ड और क्यूआर कोड (QR Code) को एडिट कर इन्हें महंगे दामों पर बेच दिया था।
**मुखबिर की सूचना पर आरपीएफ ने की छापेमारी**
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर गठित स्पेशल टास्क टीम के कांस्टेबल देवेंद्र सिंह और आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक बस्ती, रशीद बेग मिर्जा को मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली थी। सूचना थी कि गोरखपुर से एलटीटी (मुंबई) जा रही कुशीनगर एक्सप्रेस (Kushinagar Express) के एस-3 स्लीपर कोच में कुछ लोग फर्जी टिकट पर सफर कर रहे हैं, जिनकी बोर्डिंग बस्ती रेलवे स्टेशन से होनी है।
जैसे ही ट्रेन बस्ती स्टेशन पर रुकी, अलर्ट पुलिस टीम ने कोच की घेराबंदी कर चारों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
**पकड़े गए यात्रियों की पहचान**
पकड़े गए यात्रियों में तीन सिद्धार्थनगर और एक संतकबीरनगर जिले के रहने वाले हैं:
1. **अनीस अहमद** (ग्राम पुरैना, थाना मोहाना, सिद्धार्थनगर)
2. **अफसाना खातून** (ग्राम पुरैना, थाना मोहाना, सिद्धार्थनगर)
3. **सलीमुल्लाह** (बदेपुरवा, थाना मोहाना, सिद्धार्थनगर)
4. **अब्दुल हकीम** (ग्राम पिपरा गोविंद, थाना दुधारा, संतकबीरनगर)
**आधार कार्ड और QR कोड के मिलान से खुला राज**
आरपीएफ के मुताबिक, आरोपी जिस टिकट पर यात्रा कर रहे थे, वह मूल रूप से किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बुक था। जब टीम ने टिकट के क्यूआर कोड और यात्रियों के पहचान पत्रों (आधार कार्ड) का बारीकी से मिलान किया, तो एडिटिंग की बात सामने आ गई। जालसाज ने टिकट पर असली यात्रियों के नाम हटाकर इन लोगों के नाम दर्ज कर दिए थे, लेकिन डिजिटल डेटा मैच नहीं हुआ।
**₹8,700 में डील, यूपीआई से हुआ था भुगतान**
पूछताछ में पकड़े गए यात्रियों ने कबूला कि उन्होंने यह टिकट मुंबई के रहने वाले **अख्तर जहान** नाम के शख्स से खरीदे थे। इसके एवज में उन्होंने ₹8,700 का ऑनलाइन भुगतान यूपीआई (UPI) के जरिए किया था।
**मास्टरमाइंड की तलाश जारी**
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक रशीद बेग मिर्जा ने बताया कि इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड मुंबई का अख्तर जहान है। वह सॉफ्टवेयर और एडिटिंग टूल्स की मदद से रेल टिकटों में हेरफेर कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता है।
सभी पकड़े गए यात्रियों के खिलाफ रेल अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। फिलहाल कानूनी प्रक्रिया के तहत यात्रियों को मुचलके पर रिहा कर दिया गया है, और पुलिस टीम मुख्य आरोपी अख्तर जहान की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा रही है।