📅 Published on: June 23, 2026
**लोकेशन:** सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)
### **थाना क्षेत्र:** गोल्हौरा (ग्राम भैंसठ)
### **एंकर (Anchor Script):**
Nizam Ansari
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ गोल्हौरा थाना क्षेत्र के भैंसठ गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों ने एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों में से एक की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, वहीं अन्य का इलाज सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार खौफ में है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
**सिद्धार्थनगर।** गोल्हौरा थाना क्षेत्र के भैंसठ गांव में पुरानी रंजिश के चलते दबंगई और हिंसा का एक खौफनाक मामला प्रकाश में आया है। गांव के ही कुछ दबंगों ने घात लगाकर एक परिवार पर धारदार हथियारों और कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला बोल दिया।
इस हमले में पीड़ित **हीरा प्रसाद ओझा** को इतनी गंभीर चोटें आई हैं कि उन्हें आपातकालीन स्थिति में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं, उनकी पत्नी **रुक्मणी देवी** पर दबंगों ने कुल्हाड़ी से वार किया और बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए उनके हाथों पर मोटरसाइकिल चढ़ा दी, जिससे उनके दोनों हाथ टूट गए हैं। रुक्मणी देवी को सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
**मृत समझकर छोड़ भागे हमलावर** पीड़ित के बेटे राजन ओझा के अनुसार, गांव के ही दबंग राकेश ओझा, महेश ओझा, दिनेश ओझा, संदीप ओझा, परमेश्वर ओझा और नितिन ओझा ने अपने घर की महिलाओं और कुछ बाहरी रिश्तेदारों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। इन सभी ने मिलकर पूरे परिवार को गांव के बाहर घेर लिया और लाठी, डंडों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमलावर पीड़ित को मृत समझकर मौके पर ही छोड़ कर भाग गए। जाते-जाते आरोपी पीड़ित परिवार के आभूषण और मोबाइल फोन भी लूट ले गए।
**तहरीर के बाद भी पुलिस मौन, कार्रवाई शून्य**
घटना को लेकर पीड़ित परिवार की ओर से स्थानीय गोल्हौरा थाने में नामजद तहरीर दी गई है। लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित परिवार डरा-सहमा है।
**बाइट (Voice Over / Quote):**
**राजन ओझा (पीड़ित हीरा प्रसाद ओझा के बेटे):**
> *”राकेश ओझा, महेश, दिनेश, संदीप, परमेश्वर और नितिन ने मिलकर हमारे परिवार को गांव के बाहर घेर लिया। उनके साथ घर की औरतें और कुछ रिश्तेदार भी थे। सबने मिलकर धारदार हथियारों और कुल्हाड़ी से मेरे माता-पिता पर हमला किया। मेरी मां के दोनों हाथों पर उन्होंने जानबूझकर मोटरसाइकिल चढ़ा दी जिससे उनके हाथ टूट गए। वे लोग मेरे पिता को मरा हुआ समझकर छोड़ गए और हमारे गहने व मोबाइल भी छीन ले गए। हमने गोल्हौरा थाने में तहरीर दी है, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है और कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।”*