📅 Published on: July 11, 2026
Kapilvastupost
**सिद्धार्थनगर।** उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले की दो अलग-अलग अदालतों ने गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों को दोषी पाते हुए कड़ी सजा सुनाई है। बांसी कोर्ट ने जहां हत्या के एक मामले में सात दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा दी है, वहीं पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोपी को तीन साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई है।
1. हत्या का दोष साबित: 7 आरोपियों को कोर्ट ने भेजा ताउम्र जेल
सिद्धार्थनगर के बांसी में अपर जिला जज (ASJ) ने हत्या के एक गंभीर मामले में सुनवाई करते हुए सात आरोपियों पर लगे आरोपों को सही पाया। अदालत ने सभी सातों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में सरकार की ओर से पैरवी सरकारी अभियोजक ईश्वरचंद्र दुबे ने की।
इन दोषियों को मिली उम्रकैद:
* **राजू मौर्य** (पुत्र भगवती मौर्य) – निवासी: घूसड़े सगरा, थाना सोनहा, जनपद बस्ती
* **जयश्री मौर्य** (पुत्र रामतीरथ मौर्य) – निवासी: सुड़िया, थाना त्रिलोकपुर
* **बिंद्रा उर्फ बिंद्रवती** (पत्नी रामउजागिर) – निवासी: पटखौली, थाना बांसी
* **श्यामनरायन उर्फ श्यामप्रकाश उर्फ चिनकू** (पुत्र मोतीलाल) – निवासी: पटेलनगर, थाना बांसी
* **जगदीश** – निवासी: पटखौली, थाना बांसी
* **विजय** – निवासी: पटखौली, थाना बांसी
* **भोलू उर्फ गोलू** (पुत्र रामउजागिर) – निवासी: पटखौली, थाना बांसी
**मामले की पृष्ठभूमि:** इन सभी आरोपियों के खिलाफ बांसी कोतवाली में आईपीसी की धारा 147 (बलवा), 148 (घातक हथियार से लैस होना), 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज था, जिसमें दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया।
2. नाबालिग से छेड़खानी के दोषी अंकित को 3 साल की सजा
दूसरा फैसला सिद्धार्थनगर के एएसजे/जेपीसी/पॉक्सो कोर्ट के जज वीरेंद्र कुमार की अदालत से आया। कोर्ट ने एक किशोरी (नाबालिग) से छेड़छाड़ और उसे प्रताड़ित करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 3 साल की जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में शासन की तरफ से दमदार पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार पाठक ने की।
* **दोषी का नाम:** अंकित जायसवाल (पुत्र महेश जायसवाल) निवासी:** मधुबनी, थाना मोहाना, सिद्धार्थनगर।
इन धाराओं में दर्ज था केस:
मोहाना थाने में आरोपी अंकित के खिलाफ धारा 354(ग) (महिला की ताक-झांक करना), 506 (आपराधिक धमकी), 7/8 पॉक्सो एक्ट (नाबालिग पर यौन हमला) और आईटी एक्ट की धारा 67(बी) के तहत मुकदमा दर्ज था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप तय करते हुए उसे जेल भेज दिया है।