📅 Published on: July 11, 2026
गुरु जी की कलम से
बढ़नी (सिद्धार्थनगर):** मादक और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध डायवर्जन (गलत इस्तेमाल के लिए सप्लाई) के खिलाफ औषधि विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुंबई की छापेमारी और संस्तुति के बाद की गई विभागीय जांच में आरोप सही पाए गए हैं। इसके बाद जिला औषधि निरीक्षक ने बढ़नी स्थित थोक दवा दुकान ‘मेसर्स-शशी फार्मा’ का ड्रग लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश लाइसेंसिंग प्राधिकारी को भेज दी है।
**NCB की छापेमारी में हुआ था भंडाफोड़**
जून महीने में NCB मुंबई जोनल इकाई ने बढ़नी कस्बे के लोहिया नगर वार्ड संख्या-03 में स्थित ‘शशी फार्मा’ पर छापेमारी की थी। इस दौरान टीम ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीनयुक्त दवाएं बरामद की थीं। कार्रवाई के दौरान फर्म के प्रोप्राइटर मनीष कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार कर मुंबई ले जाया गया था।
**विभागीय जांच में दोष हुआ पुष्ट**
NCB से पत्र मिलने के बाद बस्ती मंडल के सहायक आयुक्त (औषधि) के निर्देश पर जिला औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने पूरे प्रकरण की गहन जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि:* फर्म के प्रोप्राइटर दवाओं की बिक्री से जुड़े वैध अभिलेख और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
* जांच में 7200 बोतल कोडीन फास्फेट सिरप की बरामदगी के बाद की गई पड़ताल में **9900 नाइट्राजेपाम टैबलेट** तथा **120 बोतल कोडीनयुक्त सिरप** के अवैध डायवर्जन का संबंध सीधे शशी फार्मा से मिला।
औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जांच में प्रकरण सही पाए जाने पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम, 1940 के तहत फर्म का ड्रग लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति सहायक आयुक्त (औषधि) बस्ती मंडल को भेज दी गई है। अब सक्षम प्राधिकारी कानूनी पक्षों का परीक्षण कर इस पर अंतिम आदेश जारी करेंगे।
**अन्य मेडिकल स्टोरों पर भी कसा शिकंजा**
जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के दिशा-निर्देश पर सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल (SSB) अलीगढ़वा के साथ मिलकर 9 जुलाई 2026 को अलीगढ़वा जनपद-सिद्धार्थनगर में भी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया:
1. **मेसर्स-डॉक्टर खान मेडिकल स्टोर:** ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम 1940 की धारा 22(i)(d) के अंतर्गत इस स्टोर पर औषधियों का क्रय-विक्रय कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
2. **मेसर्स-सोना मेडिकल स्टोर:** अलीगढ़वा बाजार स्थित इस स्टोर से **02 संदिग्ध औषधियों के नमूने** संगृहीत कर राजकीय प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस बड़ी कार्रवाई से जिले के दवा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग के अनुसार, प्रतिबंधित और मादक दवाओं के दुरुपयोग को रोकने तथा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की दिशा में यह एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।