​बेंवा–देबरुआ और बांसी–इटवा–बिस्कोहर मार्ग का होगा चौड़ीकरण: ₹443 करोड़ से बदलेंगी सिद्धार्थनगर की दो मुख्य लाइफलाइन

₹443 करोड़ से बदलेंगे सिद्धार्थनगर के दो प्रमुख स्टेट हाईवे: 7 से बढ़कर 10 मीटर होंगे चौड़े, जाम से मिलेगी मुक्ति

Kapilvastupost

सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर जिले की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक बड़ी पहल की है। जिले की दो प्रमुख ‘लाइफलाइन’ सड़कों—बेंवा–देबरुआ मार्ग और बांसी–इटवा–बिस्कोहर मार्ग—को चौड़ा करने का भव्य प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन दोनों स्टेट हाईवे को वर्तमान 7 मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर (टू-लेन विथ पेव्ड शोल्डर) चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए कुल ₹443 करोड़ का प्रस्ताव शासन को मंजूरी हेतु भेजा गया है।

परियोजना का बजट और दायरा

शासन को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, दोनों प्रमुख मार्गों पर निर्माण कार्य इस प्रकार होगा:

स्टेट हाईवे का नाम

लंबाई

प्रस्तावित लागत

बेंवा–देबरुआ मार्ग

42 किलोमीटर

₹193 करोड़

बांसी–इटवा–बिस्कोहर मार्ग

47 किलोमीटर

₹250 करोड़

जाम और दुर्घटनाओं से मिलेगी राहत

ये दोनों सड़कें जिले की मुख्य आर्थिक और सामाजिक धुरी हैं, जहां से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। साथ ही, नेपाल सीमा की ओर जाने वाला भारी यातायात भी इन्हीं मार्गों से गुजरता है।

वर्तमान में सड़क संकरी होने के कारण कई स्थानों पर आए दिन भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। चौड़ीकरण होने से निम्नलिखित प्रमुख बाजारों और कस्बों को सीधा लाभ मिलेगा:

  • बेंवा, डुमरियागंज और शाहपुर

  • इटवा, मझौवा और बिस्कोहर

चौड़ी सड़क होने से ओवरटेकिंग के दौरान होने वाले हादसों में भारी कमी आएगी और यात्रा का समय भी घटेगा।

पैदल यात्रियों और किसानों के लिए बनेगी कच्ची पटरी

परियोजना की सबसे खास बात यह है कि 10 मीटर चौड़ी सड़क के साथ-साथ दोनों तरफ सुरक्षित कच्ची पटरी भी बनाई जाएगी। इससे पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और अपनी उपज लेकर मंडियों तक जाने वाले स्थानीय किसानों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, कृषि और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

अधिकारी का बयान: “दोनों स्टेट हाईवे के चौड़ीकरण का प्रस्ताव मुख्य अभियंता के माध्यम से शासन को भेज दिया गया है। जैसे ही शासन से स्वीकृति मिलती है, टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।” — दुर्गेश पटेल, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD)