खुनियांव सीएचसी अधीक्षक पर गंभीर आरोप, डीएम और सीएमओ से निष्पक्ष जांच की मांग

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सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश): सिद्धार्थनगर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खुनियांव के अधीक्षक डॉ. देवब्रत राव पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता और स्थानीय लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। दर्जनों ग्रामीणों व स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी (DM) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मेडिकल स्टोर व पैथोलॉजी सेंटरों से वसूली और पक्षपात का आरोप

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक द्वारा क्षेत्र के निजी मेडिकल स्टोरों और स्वास्थ्य संस्थानों पर जांच का भय दिखाकर दबाव बनाया जाता है तथा अवैध आर्थिक लेनदेन किया जाता है। इसके अलावा, कतिपय मेडिकल स्टोरों व पैथोलॉजी सेंटरों के शह पर चुनिंदा संस्थानों के खिलाफ जानबूझकर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने की बात भी शिकायत में कही गई है।

बायोमेट्रिक उपस्थिति, HPR ID और लाइसेंस जांच की मांग

प्रार्थना पत्र में प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की गई है कि क्षेत्र के निजी स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीकरण की गहनता से जांच की जाए। शिकायतकर्ताओं ने निम्न बिंदुओं की निष्पक्ष जांच की अपील की है:

  • कार्यरत डॉक्टरों की वास्तविक उपलब्धता व सत्यापन

  • बायोमेट्रिक उपस्थिति और HPR ID (हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री ID) विवरण

  • परिसरों के सीसीटीवी फुटेज और वैध लाइसेंस

  • संस्थानों से संबंधित अन्य आवश्यक अभिलेखों का भौतिक सत्यापन

अनधिकृत एक्स-रे सेंटरों से रेडिएशन का खतरा

शिकायत में क्षेत्र में संचालित एक्स-रे सेंटरों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि कई सेंटर बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए चलाए जा रहे हैं, जिससे निकलने वाला हानिकारक रेडिएशन आसपास के निवासियों और मरीजों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। शिकायतकर्ताओं ने रेडियोलॉजी उपकरणों के सुरक्षा मानकों की जांच कराने पर विशेष जोर दिया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।