रफ्तार पर डिजिटल शिकंजा: सिद्धार्थनगर में हवा से बातें कीं तो सीधे घर पहुंचेगा ई-चालान
📅 Published on: August 5, 2026
स्पीड इंटरसेप्टर बाइकों को एसपी ने दिखाई हरी झंडी; 100 मीटर दूर से कैद होगी ओवरस्पीडिंग
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर।
सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सिद्धार्थनगर पुलिस ने एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है। अब जिले में निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन कर वाहन दौड़ाना चालकों को भारी पड़ेगा। जिले की यातायात पुलिस को दो अत्याधुनिक स्पीड इंटरसेप्टर बाइकें सौंपी गई हैं, जिन्हें पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने पुलिस कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कैमरे में कैद होगी रफ्तार, स्वतः कटेगा ऑनलाइन चालान
इन विशेष बाइकों पर डिजिटल स्पीड इंटरसेप्टर कैमरे लगाए जाएंगे, जो लगभग 100 मीटर की दूरी से ही गुजरते वाहनों की गति को सटीक रूप से माप लेंगे।
स्वचालित ट्रैकिंग: यदि कोई वाहन तय गति सीमा से अधिक रफ्तार में पाया जाता है, तो उसकी तस्वीर, गाड़ी का नंबर और रिकॉर्ड की गई स्पीड सिस्टम में दर्ज हो जाएगी।
त्वरित कार्रवाई: इस डेटा के आधार पर वाहन मालिक का ऑनलाइन ई-चालान तुरंत जारी कर दिया जाएगा।
मैनुअल चेकिंग के ढर्रे पर लगेगा विराम
अब तक ओवरस्पीडिंग की निगरानी मुख्य रूप से पुलिस बल की मैनुअल चेकिंग पर निर्भर थी। अक्सर देखा जाता था कि चालक पुलिस कर्मियों को देखते ही गाड़ी की रफ्तार धीमी कर लेते थे और आगे निकलते ही फिर से तेज भगाने लगते थे। नई डिजिटल व्यवस्था से चालकों की इस चालाकी पर पूरी तरह विराम लगेगा।
“तेज रफ्तार ही सड़क दुर्घटनाओं का सबसे प्रमुख कारण है। अब गति सीमा की डिजिटल निगरानी की जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी।” — डॉ. अभिषेक महाजन, पुलिस अधीक्षक
आंकड़े बयां कर रहे हादसों का खौफनाक मंजर
जिले में रफ्तार का कहर किस कदर जानलेवा साबित हो रहा है, इसका अंदाजा पिछले छह महीनों के आंकड़ों से लगाया जा सकता है:
विवरण | आंकड़े |
|---|---|
कुल सड़क हादसे | 173 |
दुर्घटनाओं में मौतें | 122 |
गंभीर रूप से घायल | 111 |


