📅 Published on: August 6, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर शहर के सांड़ी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार को परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि मरीज की मृत्यु हो जाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन उससे पैसे ऐंठने के उद्देश्य से इलाज का नाटक करता रहा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
जिला अस्पताल से निजी अस्पताल तक का घटनाक्रम
महराजगंज जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के हाता बेला हर्रैया (टोला शेखपुरा) की रहने वाली हेमावती (68 वर्ष) पत्नी राजकिशोर को सोमवार की रात पैर में तेज दर्द हुआ था। राहत न मिलने पर परिजन मंगलवार को उन्हें सिद्धार्थनगर के जिला अस्पताल लेकर आए और भर्ती कराया।
जब मरीज की हालत में कोई खास सुधार नहीं दिखा, तो बुधवार सुबह परिजनों ने शहर के एक अन्य जाने-माने डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर ने मरीज को अपने अस्पताल लाने की सलाह दी।
एंबुलेंस चालक पर गुमराह करने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि जिला अस्पताल के बाहर मौजूद एक प्राइवेट एंबुलेंस का चालक उन्हें गुमराह कर सांड़ी स्थित दूसरे निजी अस्पताल में ले गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर परिजनों से 50 हजार रुपये जमा करा लिए। इसके बावजूद वृद्धा की स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
ऐसे सामने आई सच्चाई
संदेह होने पर परिजनों ने सुबह वाले डॉक्टर से दोबारा बात की, जिस पर उन्होंने मरीज को लाने के लिए अपने अस्पताल से एंबुलेंस भेजी। जब वह एंबुलेंस चालक मरीज को लेने सांड़ी स्थित अस्पताल पहुंचा, तो उसने देखा कि वृद्धा की मौत हो चुकी थी।
यह सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने अस्पताल परिसर में ही धोखाधड़ी व लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
थानाध्यक्ष का बयान: सदर थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने बताया कि हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने परिजनों को समझाकर शांत करा दिया है। फिलहाल परिजनों की तरफ से कोई लिखित तहरीर (शिकायत) नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।