SSB कोटिया के नेतृत्व में SJSA पब्लिक स्कूल के बच्चों ने जगाया देशभक्ति का जज्बा: कोटिया से पिपरा तक निकाला भव्य तिरंगा मार्च, गूंजा ‘वंदे मातरम’

गुरु जी की कलम से

शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर): आगामी स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मंगलवार को क्षेत्र में देशभक्ति का अनूठा माहौल देखने को मिला। 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सीमा चौकी कोटिया के तत्वावधान में कोटिया बाजार से पिपरा तक एक विशाल तिरंगा मार्च एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस भव्य तिरंगा यात्रा में श्री जब्बार शोहरत अली (SJSA) पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने मुख्य भूमिका निभाते हुए भारी संख्या में भागीदारी की और पूरे क्षेत्र को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

SJSA स्कूल के 200 विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से गाया ‘वंदे मातरम’

कार्यक्रम के दौरान श्री जब्बार शोहरत अली (SJSA) पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। विद्यालय के लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने हाथों में तिरंगा लेकर अनुशासित तरीके से कोटिया से पिपरा तक पैदल मार्च किया।

बच्चों ने पूरे रास्ते देशभक्ति के गगनभेदी नारे लगाए और सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ का गायन किया। इस दौरान विद्यालय परिवार की ओर से प्रबंधक: मो. बशीर खान, प्रधानाचार्य: उपेंद कुमार,शिक्षक वृंद: 6 शिक्षक एवं शिक्षिकाएं

इन सभी की अगुवाई में विद्यार्थियों ने अनुशासित ढंग से सहभागिता दर्ज कर तिरंगा यात्रा को ऐतिहासिक बनाया।

एसएसबी और पुलिस प्रशासन के साथ बढ़ाए कदम

कार्यक्रम का कुशल नेतृत्व एसएसबी के निरीक्षक (सामान्य) नीरज कुमार शर्मा ने किया। इस मार्च में एसएसबी के 10 अन्य जवानों के साथ-साथ पुलिस चौकी कोटिया के प्रभारी उपनिरीक्षक विजय कुमार सिंह और पुलिसकर्मियों ने भी हिस्सा लिया। विद्यालय के बच्चों के साथ-साथ क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने भी इस यात्रा में शामिल होकर राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया।

‘हर घर तिरंगा’ फहराने का दिया गया संदेश

तिरंगा मार्च के माध्यम से एसएसबी जवानों और SJSA स्कूल के शिक्षकों ने आम नागरिकों को अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने और अभियान में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश देना रहा।