सिद्धार्थ नगर में जेन अल्फा की नाराजगी – कॉलेज में घुसा नाले का गंदा पानी: भड़के 3600 छात्र-छात्राओं ने लगाया जाम, सड़क पर लगी वाहनों की लंबी कतार

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सिद्धार्थनगर। शहर के सनई स्थित जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई परिसर में नाले का गंदा पानी और कीचड़ भरने से नाराज छात्र-छात्राओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। जलभराव और गंदगी से परेशान विद्यार्थियों ने कॉलेज के सामने सिद्धार्थनगर-बस्ती मार्ग (NH-28) को पूरी तरह जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़क पर अचानक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के उतरने से यातायात ठप हो गया और दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।

3600 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित, बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

जय किसान इंटर कॉलेज में करीब 3,600 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि नेशनल हाईवे (NH) की ओर से बनाए गए नाले का गंदा पानी सीधे विद्यालय परिसर में आ रहा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण परिसर में जलभराव और गंदगी की स्थिति बेहद विकराल हो गई है। स्कूल में कीचड़ और बदबू के कारण आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है और पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है। कई बार जिम्मेदारों से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर परेशान छात्रों को सड़क पर उतरना पड़ा।

स्थायी समाधान की मांग, डीएम से निरीक्षण की अपील

प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी से खुद विद्यालय परिसर का निरीक्षण कर स्थिति देखने की मांग की। छात्रों का कहना था कि केवल पंप से अस्थायी रूप से पानी निकालना कोई समाधान नहीं है। नाले की दिशा बदलकर और जल निकासी की दुरुस्त व्यवस्था करके ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है, ताकि भविष्य में गंदा पानी दोबारा स्कूल में न घुसे।

एसडीएम, सीओ और DIOS ने दिया आश्वासन, आधे घंटे बाद खुला जाम

एनएच-28 पर छात्रों द्वारा जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एसडीएम सदर निखिल चक्रवर्ती, सीओ और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) अरुण कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।

अधिकारियों द्वारा संबंधित विभाग के माध्यम से जल्द से जल्द जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने का ठोस आश्वासन दिए जाने के बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ। करीब आधे घंटे तक चला यह प्रदर्शन और जाम खत्म होने के बाद सिद्धार्थनगर-बस्ती मार्ग पर यातायात पुनः सामान्य हो सका।