📅 Published on: September 21, 2026
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका क्षेत्र के थरौली स्थित एक निजी अस्पताल पी एस मेमोरियल हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि पित्त की थैली की पथरी के ऑपरेशन के दौरान सर्जन की लापरवाही से मरीज की नस कट गई, जिससे उनकी हालत काफी बिगड़ गई और पीलिया बढ़ गया। इसके बाद मरीज का गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा, जहां लगभग ₹4.55 लाख खर्च हुए। शिकायत मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं।
पित्त की थैली के ऑपरेशन के दौरान कटी नस
लोटन थाना क्षेत्र के भिटपरा गांव (टोला पंडितपुर) निवासी सुनील ने बताया कि उनके पिता पंचराम की पित्त की थैली में पथरी थी। उनके इलाज के लिए उन्हें थरौली स्थित पीएस मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में पहले ₹40,000 जमा कराए गए और दो डॉक्टरों ने मिलकर ऑपरेशन किया। इस दौरान सीबीडी (कॉमन बाइल डक्ट) नस कट गई।
गोरखपुर में कराना पड़ा महंगा इलाज
ऑपरेशन के बाद मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन 25 अगस्त को दोबारा उसी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने गैस्ट्रोलाजी विशेषज्ञ से परामर्श की सलाह देकर टाल दिया। इसके बाद परिजनों ने मरीज को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज में ₹4.55 लाख का भारी खर्च आया।
डॉक्टर का पक्ष: आरोपों को बताया गलत
दूसरी ओर, अस्पताल के डाॅ. अमित कुमार नायक ने परिजनों के सभी आरोपों को खारिज करते हुए गलत बताया है। उनका कहना है कि दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के दौरान परिजनों को ओटी (ऑपरेशन थियेटर) में बुलाकर स्थिति समझाई गई थी कि पित्त की थैली से सभी नसें सटी हुई हैं। दो दिन तक मरीज की स्थिति ठीक रहने पर उसे डिस्चार्ज किया गया था। चिकित्सक का दावा है कि मरीज ने बाद में कहीं और ऑपरेशन कराया और अब इस अस्पताल पर झूठा आरोप लगा रहा है।
सीएमओ बोले: जांच के लिए शिकायतकर्ता को बुलाया
सीएमओ डॉ. संजय दोहरे ने बताया कि निजी अस्पताल में गलत ऑपरेशन और चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़ी गंभीर शिकायत प्राप्त हुई है। मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराई जा रही है और सच्चाई का पता लगाने के लिए शिकायतकर्ता को सोमवार को बुलाया गया है।