आजाद समाज पार्टी का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, महिला आरक्षण में ‘कोटे के अंदर कोटा’ और 70% मेडिकल आरक्षण बहाली की मांग

Kapilvastupost

 गुरुवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सांड़ी तिराहा से लेकर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से देश के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर वंचित वर्गों की विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की मांग की।

संविधान समानता का अधिकार देता है, लेकिन भागीदारी अब भी अधूरी

आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता और समान अवसर का अधिकार देता है। इसके बावजूद एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं सहित कई वंचित वर्गों को शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन और न्यायपालिका में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है।

पार्टी का स्पष्ट मानना है कि आरक्षण केवल आर्थिक आधार पर नहीं, बल्कि सामाजिक भेदभाव, छुआछूत, सामाजिक-शैक्षणिक वंचना और अपर्याप्त प्रतिनिधित्व को दूर करने का संवैधानिक माध्यम है। केवल आर्थिक या पदगत उन्नति से जातिगत भेदभाव समाप्त नहीं होता।

पार्टी की प्रमुख मांगें:

  • महिला आरक्षण में ‘कोटे के अंदर कोटा’: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023’ के तहत महिलाओं के लिए 50% आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए इस आरक्षण के भीतर ‘कोटे के अंदर कोटा’ (उप-वर्गीकरण) की व्यवस्था की जाए।

  • मेडिकल कॉलेजों में 70% आरक्षण की बहाली: कन्नौज, आंबेडकर नगर, जालौन और सहारनपुर के चार मेडिकल कॉलेजों में एससी/एसटी छात्रों के लिए समाप्त की गई 70 फीसदी आरक्षण व्यवस्था को यूपी सरकार नया एक्ट बनाकर तत्काल लागू करे।

  • स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण: नगर निकायों और स्थानीय शासन में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।

  • उच्च न्यायपालिका से कॉलेजियम व्यवस्था की समाप्ति: सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में एससी, एसटी व पिछड़े वर्ग के न्यायाधीशों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए कॉलेजियम प्रणाली को समाप्त कर ‘उच्च न्यायिक आयोग’ का गठन किया जाए।

  • जाति जनगणना और ओबीसी का अलग कॉलम: आगामी जातिगत जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए एक अलग कॉलम जोड़ा जाए।

  • क्रीमी लेयर आय सीमा की समीक्षा: क्रीमी लेयर तय करने के लिए आय सीमा की लंबे समय से लंबित समीक्षा की जाए और वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार इसमें तत्काल संशोधन किया जाए।

  • विधान परिषद व राज्यसभा में प्रतिनिधित्व: लोकसभा और विधानसभाओं के साथ-साथ राज्यसभा एवं विधान परिषदों में भी वंचित समाज को उचित और प्रभावी राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिले।

  • बैकलॉग पदों पर शीघ्र भर्ती: खाली पड़े आरक्षित पदों और बैकलॉग को भरने के लिए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन में ये प्रमुख नेता रहे मौजूद

प्रदर्शन के दौरान आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष राजेंद्र भारती, शिव कुमार आजाद, शिवचंद आजाद, रामचंद्र चौधरी और देव नारायन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।