📅 Published on: September 25, 2026
बैराज के 14 फाटक खोले गए, नदी के किनारे जाने और मवेशी चराने पर रोक; प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी
Kapilvastupost
सिद्धार्थनगर। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर सिद्धार्थनगर जिले की नदियों पर दिखाई देने लगा है। नेपाल से पानी की भारी आवक के कारण बानगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए बानगंगा बैराज के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और तटवर्ती गांवों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जानकारी के अनुसार, नेपाल में बारिश के बाद बानगंगा में करीब 1500 क्यूमेक यानी लगभग 35 हजार क्यूसेक पानी आने की स्थिति बनी। पानी की भारी आवक को देखते हुए बैराज के 14 फाटक खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। इससे नदी के प्रवाह में तेजी आई है।
नौडिहवा समेत कई गांवों में बढ़ी सतर्कता
बानगंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रामपुर, नौडिहवा, र बैदौली, नई डहर, बैजनथा, सिंगवारे , महथा और गजहड़ा समेत नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क किया गया है। ग्रामीणों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की ओर से नदी के किनारे जाने और मवेशियों को चराने से भी लोगों को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। बानगंगा बैराज के आसपास पुलिस की तैनाती कर लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है।
फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही नदी
बाढ़ खंड के अधिकारियों के अनुसार बानगंगा नदी फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन नेपाल में बारिश और पानी की आवक जारी रहने पर जलस्तर बढ़ सकता है। इसलिए नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर तक बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बारिश और वहां से आने वाले पानी पर बानगंगा समेत जिले की अन्य नदियों का जलस्तर निर्भर करेगा।
ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। ग्रामीणों को नदी के किनारे जाने से बचने और बच्चों तथा मवेशियों को नदी से दूर रखने की सलाह दी गई है।